:पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ

संकट (12) विपत्ति, मुसीबत, आफत, आपत्ति।
संकलन(112) एकत्र करने की क्रिया, संग्रह करना; ऐसी साहित्यिक कृति जिसमें अनेक ग्रंथों या स्थानों से बहुत-सी रचनाएं इकट्ठी करके रखी गई हों।

संकल्प(121) दृढ निश्चय, इरादा ; सभा-समिति में किसी विषय में विचारपूर्वक किया हुआ पक्का निश्चय (रिज़ोल्यूशन)।
संकीर्ण(122) तंग, संकुचित, अनुदार।
संकेत(121) अभिप्राय सूचक अंगचेष्टा, इशारा ; चिह्न, निशान।
संकोच(121) सिकुड़ने की क्रिया या भाव ; झिझक, हिचक।
संक्रान्ति(122) सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि मे जाना ; वह दिन जिसमें सूर्य का उक्त प्रकार का संचार होता है, जो हिन्दुओ में माना जाता है।

संक्रामक(122) एक से दूसरे में संक्रमण करने वाला छूत आदि से फैलने वाला रोग
संक्षिप्त(221) छोटा किया हुआ लेख, पुस्तक आदि का रूप, सार, संक्षेप।
संक्षेप(221) लेख आदि का काट-छांटकर छोटा किया हुआ रूप, सार।
संख्या(22) गिनती, तदाद, गणना
संगठन(112) कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था।
संगति(12) मेल-मिलाप, संग, साथ, सोहबत
संगीत(221) ध्वनियों या स्वरों का कुछ विशिष्ट लय में होने वाला प्रस्फुटन (म्यूज़िक)।
संगोष्ठी(2212) किसी निर्धारित विषय पर आमंत्रित विद्वानों की चर्चा तथा उनका निबंध-पाठ।
संग्रहालय(2222) वह स्थान जहाँ विशेष महत्त्व की वस्तुओं का संग्रह किया गया हो (म्युज़ियम)।
संग्राम(221) युद्ध, लड़ाई, समर। –
संघटन(212) कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था ; किसी चीज के विभिन्न अवयवों को जोड़कर उसे प्रतिष्ठित करना, रचना।
संघर्ष(221) स्पर्धा, होड़ ; कठिनाइयों या प्रबल विरोधी शक्तियों को दबाने के लिए प्राणपण से की जाने वाली चेष्टा।
संचय(22) चीजें इकट्ठी करने की क्रिया या भाव; इकट्ठी की हुई चीजों का ढेर या राशि।
संचार(221) गमन, चलना, चलाना
संचालक(222) चलाने या गति देने वाला (कंडक्टर)। वह प्रधान अधिकारी जो किसी कार्य, विभाग, संस्था आदि चलाने की सारी व्यवस्था करता हो, निदेशक।

संतति(22) संतान, बाल-बच्चे, औलाद।
संताप(221) अग्नि, धूप आदि का बहुत तीव्र ताप; बहुंत तीव्र मानसिक क्लेश या पीड़ा।
संतुलन(212) वह स्थिति जिसमें सभी अंग बराबर के या यथास्थान हो ;तोलते समय दोनो पलड़ो का बराबर होना।
संतुष्ट(221) जिसका संतोष कर दिया गया हो या हो गया हो, तृप्त ;जो समझाने-बुझाने से राजी हो गया या मान गया हो।

संतुष्टि(221) संतुष्ट होने की क्रिया या भाव तृप्ति; संतोष।
संतोष(221) वह मानसिक अवस्था जिसमें व्यक्ति प्राप्त होने वाली वस्तु को यथेष्ट समझता है और उससे अधिक की कामना नहीं करता

संतोषजनक(221 12) संतोष देनेवाला, संतोषप्रद ; पर्याप्त, यथेष्ठ, काफी।
संदर्भ(221) पुस्तक, लेख आदि में वर्णित प्रसंग, विषय आदि जिसका विचार या उल्लेख हो, प्रसंग।
संदेश(221) समाचार, पैग़ाम
संन्यास(221) पूरी तरह से छोड़ना, परित्याग करना

संन्यासी(222) जिसने संन्यास आश्रम ग्रहण किया हो ; त्यागी और विरक्त।
संपन्न(221) पूरा किया हुआ, पूर्ण मुकम्मल ; किसी गुण या वस्तु से युक्त ; खुशहाल, धनी, अमीर।
संपर्क(221) मेल, संयोग ; आपस में होने वाला किसी प्रकार का लगाव, वास्ता या संसर्ग ; स्पर्श।
संपर्क-भाषा(221 22) वह भाषा जिससे विभिन्न देशों अथवा प्रदेशों के लोग आपस में सूचना, विचारों आदि का आदान-प्रदान करते हैं।

संपादक(222) वह जो किसी पुस्तक, सामयिक पत्र आदि के सब लेख या विषय अच्छी तरह ठीक करके उन्हे प्रकाशन के योग्य बनाता है (एडिटर)।

संपादकीय(22121) संपादक संबंधी या संपादक का। संपादक द्वारा लिखी हुई टिप्पणी या अग्रलेख।
संपादन(222) पूरा करना, प्रस्तुत करना ; किसी पुस्तक का विषय आदि ठीक करके उन्हे प्रकाशन के योग्य बनाना (एडिटिंग)।

संपूर्ण(222) आदि से अंत तक सब, सारा कुल, समूचा ; पूरा या समाप्त किया हुआ।
संप्रदाय(2221) एक ही तरह का मत या सिद्धान्त रखने वाले लोगों का समूह या वर्ग

संबंध(221) रिश्ता, नाता ; आपस में होने वाली घनिष्टता या मेल-जोल।
संभव(22) जो किया जा सकता हो, या हो सकता हो, मुमकिन।
संभालना(2212) पालन करना, सहारा देना ; प्रबंध करना, भार उठाना ; गिरते हुए को बीच में रोकना।
संयुक्त(221) किसी के साथ जुड़ा, मिला, लगा या सटा हुआ ; जिसके दो या अधिक भागीदार हों, साझा।
संरक्षक(222) देखभाल, निरीक्षण करने वाला, आश्रयदाता, अभिभावक।

संरक्षण(222) अच्छी और पूरी तरह से रक्षा करने की क्रिया या भाव, पूरी देख-रेख और हिफाजत (कस्टडी) ; अपने आश्रय में रखकर पालना-पोसना, आश्रय।

संरचना(222) कोई ऐसी वस्तु बनाने की क्रिया या भाव जिसमें अनेक प्रकार के बहुत से अंगो-उपांगों का प्रयोग करना पड़ता है

संवाद(121) बातचीत, वार्तालाप
संवाददाता(12122) संवाद या समाचार भेजने वाला

संवारना(1212) सुसज्जित करना, सजाना ; सुधारना, मरम्मत करना।
संवाहक(122) ठोकर अथवा किसी प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाला, वहनक, वाहक (कॅरिअर)।
संविधान(2121) राजनीति और शासनतंत्र में कानून के रूप में बने वे मौलिक नियम और सिद्धान्त जिनके अनुसार किसी राष्ट्र, राज्य या संस्था का संघटन और संचालन होता है

संवेग(121) मन में होने वाली खलबली, उद्विग्नता, घबराहट, डर।
संवेदना(1212) मन में होने वाला बोध या अनुभूति, अनुभव

संशय(22) संदेह, शक, अनिश्चय
संशोधन(222) त्रुटि, दोष आदि दूर करके ठीक और दुरुस्त करना, सुधार
संस्करण(21 12) पुस्तकों आदि की एक बार में एक ही तरह की होने वाली छपाई, आवृत्ति (एडिशन)।
संस्कार(2121) किसी वस्तु को ठीक करके उचित रूप देने की क्रिया, परिष्कार

संस्कृति(2121) आचरणगत परम्परा, सभ्यता (कल्चर)।
संस्तुति(212) अच्छी या पूरी तरह से होने वाली तारीफ या स्तुति ; अनुशंसा, सिफारिश (रिकमेन्डेशन)।
संस्था(212) समाज या समूह, सभा, समिति।
संस्थान(2121) साहित्य, कला, विज्ञान आदि की उन्नति के लिए स्थापित संस्था या संघटन।
संस्थापक(2122) स्थापित करने वाला

संस्मरण(21 12) किसी व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण और मुख्य घटनाओं या बातों का उल्लेख या कथन ; इष्ट देव आदि का बारबार स्मरण करना या उनका नाम जपना।

संहार(121) ध्वंस, नाश ; बहुत से व्यक्तियों की युद्ध आदि में एक साथ होने वाली हत्या।
सकपकाना(2122) चंकित होना, चौकना
सख्त़(21) कठोर, कड़ा
सघन(12) घना, अविरल, ठोस।
सचमुच(22) यथार्थत: वास्तव में
सच्चा(22) सच बोलने वाला, सत्यवादी ; ईमानदार
सजनी(22) सखी, सहेली ; प्रेमिका।
सज़ा(12) अपराधी को दिया जाने वाला दंड।
सजा (12) किसी चीज़ को व्यवस्थित ढ़ंग से लगाना.
सजाना(122) वस्तुओं को ऐसे क्रम से रखना कि वे आकर्षक और सुंदर जान पड़ें, संवारना
सजावट(122) सजे हुए होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शोभा।
सजीव(121) जीव युक्त, जिस में प्रण हों ; तेज, फुरतीला।
सज्जन(22) भला आदमी, सत्पुरुष; शरीफ़।
सज्जा(22) साज समान।
सटीक(121) जिस में मूल के साथ टीका भी हो, व्याख्या सहित टीका सहित; बिलकुल ठीक, उपयुक्त।
सड़क(12) मार्ग, रास्ता, पथ।
सड़ना(22) किसी वस्तु के संयोजक तत्वों का अलग-अलग हो जाना, गलना।
सतत(12) निरंतर, बराबर, लगातार ; सदा, हमेशा।
सतर्क(121) सचेत सावधान, सजग, होशियार।
सतर्कता(1212) सावधानी, होशियारी, सजगता।
सत्कार(221) आदर-सम्मान ; आवभगत, आतिथ्य, खातिर।
सत्ता(22) अस्तित्व, हस्ती, अधिकार, शक्ति, सामर्थ्य।
सत्तू(22) भुने हुए जौ, चने आदि का आटा या चूर्ण।
सत्यनिष्ठा(2122) सत्य पर निष्ठा, सत्य में विश्वास, सच या वास्तविक से प्रेम।
सत्याग्रह(2221) सत्य का पालन और रक्षा करने के लिए किया जाने वाला आग्रह या हठ

सत्यापन(222) जाँच या मिलान करके देखना कि ज्यों का त्यों और ठीक है कि नहीं
सत्रावसान(22121) आधुनिक राजतंत्र में

सत्संग(221) अच्छे आदमियों का साथ, अच्छी सोहब्बत, सज्जनों के साथ उठना-बैठना
सदन(12) घर मकान
सदस्य(121) उन व्यक्तियों में से हर एक जिनके योग से कुटुम्ब, परिवार, समाज आदि बनते हैं

सदा(12) नित्य, हमेशा, हरसमय; निरंतर, लगातार।
सदाचार(1221) अच्छा और शुभ आचरण, अच्छा चालचलन।
सदुपयोग(1221) अच्छा और उत्तम उपयोग।
सद्भाव(221) शुभ भाव, हित का भाव, छल कपट, द्वेष आदि से रहित भाव

सदव्यवहार(22121) अच्छा बरताव, अच्छा सलूक या व्यवहार ; सदवृत्ति, सदाचार।
सन्नाटा(222) निस्तब्धता, निरवता, शांति।
सपना(22) (स्वप्न) वह घटना या दृश्य जो सोए होने पर अन्तर्मन में काल्पनिक रूप से भासित होता है (ड्रीम)।
सपरिवार(1221) परिवार के सदस्यों के साथ।
सप्तक(22) सात वस्तुओं का समूह ; संगीत के सात स्वरों का समाहार।
सफ़र(12) यात्रा।
सफल(12) कृतकार्य, कामयाब।
सफलता(122) कामयाबी, सिद्धि।
सबल(12) बलवान, ताकतवर, बलशाली।
सभा(12) परिषद्, समिति।
सभापति(122) सभा का अध्यक्ष।
सभी(12) सारे, सम्पूर्ण।
सभ्य(21) शिष्ट, संस्कृत, विनम्र।
सभ्यता(212) सभ्य होने की अवस्था या भाव

समकक्ष(221) जोड़ या बाराबरी का, सब बातों में बराबरी करने वाला।
समझना(122) जान लेना, ठीक और पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना ; विचारना।
समझौता(222) राज़ीनामा, मेल, सुलह ;आपस में होने वाला करार या निश्चय, संधि।
समता(22) सादृश्य, बराबरी, संतुलन।
समदर्शी(222) सब को एक सा देखने-समझने वाला।
समन्वय(122) वह अवस्था जिसमें कथनों या बातों का पास्परिक विरोध न रहे।
समय(12) दिन-रात के विचार से काल का कोई मान, वक्त ; अवसर, मौक़ा

समय-सारिणी(12 212) समय सूचित करने के लिए बनाई हुई सारणी
समर(12) सुद्ध, संग्राम, लड़ाई।
समर्थ(121) बलवान, सशक्त ; योग्य, उपयुक्त।
समष्टि सामूहिकता, संपूर्णता।
संमातर(1212) [समानांतर(12212)] जो समान अंतर पर रहे। (पैरलल)
समाचार(1221) ख़बर, वृत्तांत, संदेश।
समाचार-पत्र(1221 21) नियमित समय पर प्रकाशित होने वाला वह पत्र जिसमें अनेक प्रदेशों, राष्ट्रों आदि से संबंधित समाचार रहते हों (न्यूज़पेपर)।

समाज(121) बहुत से लोगों का समूह ; किसी विशिष्ट उद्देश्य से स्थापित की हुई सभा ; किसी प्रदेश या भूखंड में रहने वाले लोग जिन में सांस्कृतिक एकता होती है।

समाज-विज्ञान(121 221) समाज शास्त्र (सोशिअलाजी)।
समाजीकरण(12212) किसी काम, बात, व्यवहार को ऐसा रूप देना कि उस पर समाज का अधिकार हो जाए और सब लोग समान रूप से उसका लाभ उठा सकें।

समाधान(1221) आपत्ति की निवृत्ति करना, संदेह निवारण करना ; समस्या का हल।

समापन(122) समाप्त करने की क्रिया या भाव, समाप्ति।
समाप्ति(122) पूरा करने की क्रिया या भाव, समापन
समायोजन(1222) अनुकूल बनाने की क्रिया या भाव ; आंकड़ों का मेल बिठाना या ठीक ठाक करने की क्रिया या भाव।

समारोह(1221) कोई ऐसा शुभ आयोजन जिसमें चहल-पहल हो।
समालोचक(1222) समीक्षक, समालोचना करने वाला।
समास(121) योग, मेल ; दो या अधिक पदों के मेल से बनने वाला नया पद।
समाहार(1221) बहुत सी चीज़ों को एक जगह इकट्ठा करना, संग्रह ; ढेर, राशि।
समिति(21) सभा, समाज ; किसी विशेष कार्य के लिए गठित कुछ व्यक्तियों की सभा।
समुदाय(221) समाज, बिरादरी ; समूह, राशि।
समुद्र(121) सागर।
समूह(121) ढेर, राशि ; झुँड, समुदाय।
समृद्ध(22) सम्पन्न, धनवान।
समृद्धि(22) बहुत अधिक सम्पन्नता, अमीरी, ऐश्वर्य।
सम्मान(221) इज़्ज़त, आदर, प्रतिष्ठा।
सम्मेलन(222) मनुष्यों का किसी विशेष उद्देश्य से अथवा किसी विषय पर विचार करने के लिए एकत्र होने वाला समाज ; कोई स्थायी बहुत बड़ी संस्था।

सम्मोहन(222) मुग्ध करना ; मुग्ध करने की शक्ति या गुण।
सम्राट(221) साम्राज्य का स्वामी।
सरकना(122) जमीन से सटे हुए आगे बढ़ना, रेंगना। धीरे-धीरे तथा थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ना।

सरकार(221) किसी देश के सम्राट, अधिनायक, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री द्वारा चुने हुए मंत्रियों का वह दल जो सामूहिक रूप से संविधान के अनुसार उस देश का शासन करता है।

सरल(12) सीधा, भोला ; आसान, सहज।
सरस(12) रसयुक्त, रसीला ; रचना जो भावमयी और मोहक हो।
सराहना(1212) तारीफ़, प्रशंसा। तारीफ करना, प्रशंसा करना।
सरोकार(1221) वास्ता, संबंध।
सरोवर(122) तालाब।
सर्ग(21) किसी ग्रंथ विशेषत: काव्य ग्रंथ का अध्याय।
सर्जन(22) उत्पन्न करना या जन्म देना।
सर्प(21) सांप।
सर्वज्ञ(221) सब कुछ जानने वाला। ईश्वर।
सर्वत्र(221) सब जगह।
सर्वव्यापक(2122) जो सब स्थानों और सब पदार्थों में व्याप्त हो।
सर्वसम्मति(2122) सबकी एक सम्मति या राय, मतैक्य।
सर्वांगीण(2221) सब अंगो में व्याप्त होने वाला ; जो सभी अंगों से युक्त हो।
सर्वेक्षण(2212) किसी विषय के सही तथ्यों की जानकारी के लिए उसके सभी अंगो का किया गया अधिकारिक निरीक्षण।

सर्वोदय(222) सभी का उदय या उन्नति ; सब लोगों के आर्थिक, नैतिक तथा सामाजिक उत्थान के लिए चलाया गया स्वतंत्र भारत का एक आन्दोलन।

सलाहकार(12121) राय देने वाला, परामर्शदाता।
सस्ता(22) कम मूल्य का ; घटिया।
सहकारिता(2212) साथ मिल कर काम करना, मदद, सहायता।
सहज(12) जन्मजात, प्राकृतिक ; आसान।
सहन(12) शक्ति सहने की शक्ति, सहिष्णुता, सहनशीलता, सह्यता।
सहना(22) सहन करना, झेलना ; बर्दाश्त करना, कष्ट उठाना।
सहमत(22) जिसका मत दूसरे से मिलता हो। जो दूसरे के मत को मान कर उसकी पुष्टि करता हो।
सहमति(22) सहमत होने का भाव या अवस्था, एक मत होना।
सहयोग(221) साथ मिलकर काम करना ; किसी के काम में हाथ बटाना ; सहायता देना।
सहयोगी(222) सहयोगी।
सहलाना(222) धीरे-धीरे मलना या हाथ फेरना।
सहानुभूति(12121) हमदर्दी।
सहायता(1212) मदद।
सहिष्णु(121) सहने वाला, बरदाश्त करने वाला।
सहिष्णुता(1212) सहनशीलता।
सहृदयता(1222) दयालुता, करुणा ; रसज्ञता।
सांकेतिक(222) संकेत संबंधी ; संकेत रूप में होने वाला।
सांगोपांग(2221) सभी अंगो और उपांगों सहित।
सांत्वना(2112) शोकाकुल या संतप्त व्यक्ति को शांत करने या समझाने-बुझाने की क्रिया, तसल्ली।
साकार(221) मूर्त, आकारयुक्त ; बात या योजना जिसे क्रियात्मक रूप प्राप्त हुआ हो।
साक्षरता(2122) पढ़े-लिखे होने का भाव।
साजन(22) पति, स्वामी ; प्रेमी।
साज-समान(21121) सामग्री, उपकरण, असबाब ; ठाठ-बाट।
साझेदारी(2222) हिस्सेदारी, शराकत!
सात्विक(212) सतोगुणी, सत्वगुण-प्रधान, अनुभूति या भावनाजन्य।
सादर(22) आदरपूर्वक
सादा(22) ख़ालिस, बिना मिलावट ; जिसमें किसी तरह की उलझन, पेंच की बात या बनावट न हो, सरल।
सादृश्य(222) समानता, तुल्यता, बराबरी।
साधन(22) सामान, सामग्री, उपकरण

साधना(212) कोई कार्य सिद्ध या सम्पन्न करना

साधारण(222) जिसमें कोई विशेषता न हो, सामान्य, मामूली ; सहज, सुगम, सरल।
साधू (21) संत, महात्मा ; बढ़िया, उत्तम ; सज्जन, भला, आदमी।
साध्य(22) जो सिद्ध या पूरा किया जा सके; निष्पाप ; (रोग आदि) अच्छा करने योग्य।
सान्निध्य(2121) निकटता, समीपता।
साक्षेप(2121) जो किसी की अपेक्षा रखता हो, जो दूसरों पर अवलम्बित हो।
साफ़(21) स्वच्छ, निर्मल

साबुन(22) सोडा तेल आदि के योग से बना हुआ एक पदार्थ जिससे शरीर और कपड़े साफ़ किए जाते हैं (सोप)।

सामंजस्य(2221) वह स्थिति जिसमें परस्पर किसी प्रकार की विपरीतता या विषमता न हो, संगति, अनुकूलता।
सामग्री(212) आवश्यक वस्तुओं का समूह, सामान ; किसी उत्पादन, निर्माण रचना आदि के सहायक अंग या तत्व।
सामने(212) आगे, समक्ष ; मुकाबले में।
सामर्थ्य(222) कोई कार्य करने की योग्यता और शक्ति।
सामयिक(212) समयोचित, ठीक समय में ; वर्तमान समय का।
सामाजिक(222) समाज का, समाज के संबंध रखने वाला।
सामान्य(222) मामूली ; सार्वजनिक, आम।
साम्राज्य(2122) वे अनेक राष्ट्र या देश जिन पर कोई एक शासक-सत्ता राज्य करती हो।

साम्राज्यवाद(212221) वह सिद्धान्त जिसमें यह माना जाता है कि किसी देश को अपने अधिकृत देशों में वृद्धि करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करते रहना चाहिए (इम्पीरियलिज़म)।

सामुद्रिक(222) समुद्र संबंधी, समुद्र से संबंध रखने वाला।
सामुद्रिक(222) फलित ज्योतिष की वह शाखा जिसमें मनुष्य की हस्त रेखाओं और शरीर के चिह्नों आदि के शुभ-अशुभ फल पर विचार होता है।

सार(21) मूल भाग, सत ; तात्पर्य या निष्कर्ष, सारांश।
सारणी(212) आजकल कोई ऐसा कागज़ या फलक जिसमें बहुत से खाते होते हैं तथा जिन में विशेष प्रकार की गणना या विवेचन के लिए कुछ अंक शब्द आदि लिखे होते है (टेबल)।

सारांश(221) संक्षिप्तरूप, सार, निचोड़, उपसंहार।
सारा(22) कुल, समस्त, पूरा, समय।
सार्थक(212) जिसका कुछ अर्थ हो अर्थवान।
सार्वजनिक(2212) सर्वसाधारण-संबंधी। समान रूप से सब लोगों के काम आने वाला।
सावधान(2121) सचेत, सतर्क, ख़बरदार।
साहित्य(221) ग्रन्थों का समूह, किसी भाषा की समस्त गद्य तथा पद्यात्मक रचनाएं।
साहित्यकार(22121) साहित्य की रचना करने वाला।
साहूकार(2221) बड़ा व्यापारी, महाजन।
सिंगार(221) (श्रृंगार) सजधज, सजावट।
सिंगारदान(22121) श्रृंगार की सामग्री रखने का छोटा संदूक।
सिंदूर(221) एक प्रकार का लाल चूर्ण जिसे सौभाग्यवती स्त्रियाँ मांग में भरती हैं।
सिंहनाद(2121) सिंह का गर्जन ; युद्ध आदि के समय गरज कर की जाने वाली ललकार, जोरदार शब्दों में ललकार कर कही जाने वाली बात।

सिंहासन(122) राजगद्दी

सितारा(122) तारा, नक्षत्र ; भाग्य।
सिद्धान्त(222) निश्चित मत जिसे सत्य के रूप में ग्रहण किया जाए, उसूल (प्रिंसिपल)।

सिपाही(122) फ़ौजी आदमी, सैनिक
सिफ़ारिश(122) किसी का कोई काम करने के लिए दूसरे से कहना

सिर्फ़(21) बस, इतना ही, केवल।
सिलसिला(212) क्रम, श्रृंखला।
सिलाई(122) सीने की क्रिया या भाव ; सिलने पर दिखाई पड़ने वाल टाँके; सिलने के बदले में मिलने वाली मजदूरी।
सिवाय(121) जो है या हो उसको छोड़कर।
सींचना(212) खेत या पेड़ पौधों में पानी देना।
सीखना(212) किसी विषय या कला का ज्ञान प्राप्त करना, पढ़ना।
सीधा(22) जिस में टेढ़ापन या घुमाव न हो
सीना(22) सिलाई करना। छाती, वक्षस्थल।
सीमा(22) हद, सरहद (फ्रंटियर)
सीमित(22) सीमाओं से बंधा हुआ ; जिसका प्रभाव या विस्तार एक निश्चित सीमा के अंतर्गत हो।
सुचित(12) जो अच्छे मन वाला हो , जिसका चित अच्छा हो
सुंदर(22) जो आंखों को अच्छा लगे, ख़ूबसूरत।
सुख(2) वह अनुभूति जो तन मन को भाए, चैन, आराम।
सुख-सुविधा(2 22) ऐसी चीज़ें जिनके होने पर मनुष्य सुखपूर्वक जीवन बिता सके।
सुगंध(121) अच्छी गंध, ख़ुशबू, प्रिय महक।
सुगम(12) सहज में आने या पाने योग्य ; आसान, सरल।
सुघड़(12) जिसकी बनावट सुन्दर हो, सुडौल ; कुशल, निपुण, होशियार (हुश्यार)।
सुचारु(122) अत्यंत सुंदर, मनोहर, बहुत ख़ूबसूरत
सुझाव(121) सुझाने की क्रिया या भाव ; वह नई बात जो किसी को सुझाई गई हो या जिसकी ओर ध्यान आकृष्ट किया गया हो (सजेस्चन)।

सुडौल(121) सुंदर डीलडौल या आकार वाला।
सुध-बुध(22) होश-हवास, चेत ; याद।
सुधा(12) अमृत, पीयूष।
सुधार(121) दोष को दूर करने या होने का भाव

सुधीर(121) बहुत धैर्यवान, जिसमें यथेष्ट धैर्य हो।
सुनना(22) कानों से शब्द या ध्वनि ग्रहण करना।
सुनहरा(122) (सुनहला) सोने के रंग का।
सुबोध(121) जो आसानी से समझ आ जाए, सरल और बोधगम्य।
सुमति(21) अच्छी मति या बुद्धि।
सुमन(12) पुष्प, फूल।
सुरंग(121) जमीन खोद कर उसके नीचे बनाया हुआ रास्ता (टनल)

सुर(2) गले, बाजे आदि से निकलने वाला स्वर ; देवता।
सुरक्षा(122) सम्यक, समुचित रक्षा ; आक्रमण, आघात आदि से बचने के लिए किया जाने वाला प्रबन्ध।
सुरभि(21) सुगंध, ख़ुशबू
सुरमा(22) एक खनिज पदार्थ जिसका बारीक चूर्ण आंखों में अंजन की तरह लगाया जाता है।
सुराही(122) जल आदि रखने का मिट्टी का पात्र जिसका नीचे का भाग लोटे की तरह गोल और ऊपर का भाग लम्बे चोगे या नल की तरह होता है।

सुलगना(122) इस प्रकार जलना कि उसमें से लपट न निकले, बल्कि धुंआ निकले, धीरे-धीरे जलना।
सुलझना(122) उलझनों से मुक्त होना, किसी समस्या अथवा उलझी हुई डोर आदि की पेचीदगी का दूर होना।
सुलभ(12) जो आसानी से मिल जाए।
सुवास(121) अच्छी महक, ख़ुशबू, सुगन्ध।
सुविधा(22) आसानी ; आराम।
सुसज्जित(122) भली-भांति सजा या सजाया हुआ।
सुस्ताना(222) थकावट दूर करना, थोड़ी देर के लिए आराम करना।
सुहाग(121) विवाहिता स्त्री की वह स्थिति जिसमें उसका पति जीवित हो, सौभाग्य ; विवाह के समय कन्यापक्ष में गाए जाने वाले मांगलिक गीत।

सुहागा(122) एक क्षार द्रव्य जो सोना गलाने और दवा के काम आता है (बोरेक्स)।
सूक्ष्मदर्शी(2222) बारीकी से देखने वाला।
सूखा(22) शुष्क, निर्जल ; ” जिसमें सरसता, भावुकता आदि कोमल गुणों का अभाव हो।”
सूचना(212) कुछ बताने या जताने के लिए कही या लिखी गई बात, इत्तिला।
सूची(22) किसी प्रकार की वस्तुओं, नामों, बातों आदि का क्रमबद्ध लेखा या विवरण।
सूजना(212) रोग, चोट, वात आदि के कारण शरीर के किसी अंग का अधिक फूल या फैल जना।
सूझना(212) दिमाग़ या ध्यान में आना ; दृष्टि में आना, दिखाई देना।
सूत्र(22) पतला और महीन डोरा या तागा; गूढ़ अर्थ से युत्त संक्षिप्त वाक्य या पद; संकेत, पता सुराग।
सूद(21) ब्याज।
सूना(22) जनहीन, निर्जन।
सूराख़(221) छेद, छिद्र।
सूर्य(21) सौर जगत का सबसे उज्जवल और मुख्य ग्रह, जिसकी अन्य सब ग्रह परिक्रमा करते हैं और जिससे सब ग्रहों को ताप तथा प्रकाश प्राप्त होता है, रवि।

सृजन(22) सृष्टि करने अर्थात जन्म देने की क्रिया या भाव, रचना।
सृष्टि(22) सारा विश्व तथा इसके सभी प्राणी एवं पदार्थ; निर्माण, रचना।
सेंकना(212) आंच के पास या आग पर रख कर गरम करना अथवा पकाना; शरीर को गरमी या धूप देना।
सेठ(21) बहुत धनवान या संपन्न व्यक्ति।
सेतु(21) नदी आदि पार करने के लिए बनाया हुआ रास्ता, पुल।
सेनारण(222) शिक्षा प्राप्त सशस्त्र व्यक्तियों का दल,फ़ौज
सेनापति(222) सेना का नायक, फौज का अफ़सर।
सेवा(22) परिचर्या, टहल ; नौकरी ; पूजा, आराधना।
सैकड़ा(212) सौ, शत की संख्या का सूचक जो इस (100) प्रकार लिखा जाता है।
सैनिक(22) सेना-संबंधी, सेना का। सेना या फ़ौज का सिपाही, फ़ौजी।
सैर(21) मनोरंजन के लिए घूमना-फिरना, भ्रमण।
सोचना(212) चिंता या फिक्र में पड़ना। किसी विषय पर मन में विचार करना, कल्पना करना या अनुमान करना।
सोना(22) स्वर्ण, कांचन। निद्रागस्त होना, नींद लेना ; एक ही स्थिति में रहने के कारण सुन्न होना।
सोपान(221) सीढ़ी, जीना।
सौंपना(212) (कोई वस्तु आदि) किसी के जिम्मे या सुपुर्द करना, किसी के अधिकार में देना।
सौजन्य(221) भलमनसत, सज्जनता।
सौतेला(222) सौत अथवा सपत्नी संबंधी ; सौत से उत्पन्न।
सौभाग्य(222) अच्छा भाग्य, अच्छी किस्म्त ; सुहाग।
स्तंभ(221) खंभा। पत्र-पत्रिका आदि में ऐसे विभाग जिनमें किसी विशेष विषय का प्रतिपादन अथवा निरूपण होता है।

स्तब्ध(221) जड़ीभूत, निश्चेष्ट, हक्का-बक्का।
स्तुति(22) आदर भाव से किसी के गुणों के कथन करने का भाव, बड़ाई, तारीफ ; वह पद या रचना जिसमें किसी देवता आदि के गुण का बखान हो, स्तोत्र।

स्तोत्र(221) वह रचना, विशेषत: पद्बद्ध रचना जिसमें किसी देवता आदि की स्तुति हो, स्तव, स्तुति।
स्त्री(22) मनुष्य जाति की क्यस्क मादा, पुरुष का विपर्याय ; पत्नी, जोरू।
स्थगन(212) सभा की बैठक, बात की सुनवाई या विचार अथवा कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना।

स्थान(221) जगह, स्थल ; पद ओहदा।
स्थानांतरण(22212) किसी वस्तु या व्यक्ति को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर पहुँचाना या भेजना, बदली, तबादला।
स्थानीय(2221) स्थान, विशेष का, मुकामी, स्थानिक।
स्थापना(2212) स्थापित करने की क्रिया या भाव, स्थापन ; प्रतिपादन, निरूपण।
स्थायी(222) सदा स्थित रहने वाला, हमेशा बना रहने वाला, स्थिर, अटल, नियत ; टिकाऊ।
स्थिति(22) दशा, हालत, अवस्था ; पद, मर्यादा आदि के विचार से समाज में स्थान ;किसी कार्य आदि की प्रगति की अवस्था, चरण।

स्थिर(22) अटल, निश्चल ; स्थायी ; धीर, शांत।
स्नेह(121) प्रेमियों, हमजोलियों, बच्चों आदि के प्रति होनेवाला प्रेमभाव ; चिकना पदार्थ, चिकनाहट वाली चीज़।
स्पंदन(222) धीने-धीरे हिलना या कांपना ; फकड़, प्रस्फुरण, गति।
स्पर्धा(222) प्रतियोगिता आदि में किसी से होने वाली होड़।
स्पर्श(221) त्वचा का वह गुण जिससे छूने, दबने आदि का अनुभव होता है ; एक वस्तु के तल का दूसरी वस्तु के तल से सटना या छूना, संपर्क।

स्पष्ट(221) जिसे देखने, समझने, सुनने आदि में नाम मात्र भी कठिनता न हो, बिलकुल साफ़।
स्फूर्ति(222) तेज़ी, फुर्ती।
स्मरण(212) कोई बात फिर से याद आने की क्रिया या भाव, स्मृति, याद।
स्मारक(222) स्मरण कराने वाला। स्मरण चिह्न, यादगार।
स्मृति(221) स्मरण शक्ति ; याद, अनुस्मरण ; धर्म, आचार-व्यवहार आदि से संबंधित हिन्दू धर्मशास्त्र जिनकी रचना ऋषियों और मुनियों ने वेदों का स्मरण या चिंतन करके की थी।

स्रष्टा(212) सृष्टि या रचना करने वाला, रचयिता, निर्माता। ब्रह्मा, सृष्टि का रचयिता।

स्वचालित(222) अपने आप चलने वाला, जिसके अंदर ऐसे कल-पुरजे लगे हों कि एक पुरजा चलाने से ही वह आपने आप चलने या कोई काम करने लगे।

स्वजन(22) अपने परिवार के लोग, आत्मीय जन; सगे संबंधी, रिश्तेदार, बन्धु-बांधव।
स्वतंत्र(222) जिसका तंत्र अथवा शासन अपना हो, जो किसी के तंत्र या शासन में न हो, आजाद। किसी प्रकार के नियंत्रण दबाव या बंधन से रहित।

स्वतंत्रता(2222) स्वतंत्र रहने या होने की अवस्था या भाव, आज़ादी, स्वातंत्र्य।
स्वप्न(22) सपना, ख्वाब ; मन ही मन की जाने वाली बड़ी-बड़ी कल्पनाएँ और बांधे जाने वाले मनसूबे।
स्वभाव(221) प्रकृति, ख़ासियत, मिजाज ; आदत, बान।
स्वयं(21) (सर्वनाम) जिसके द्वारा वक्ता अपने व्यक्तित्व पर जोर देते हुए कोई बात कहता है। अपने आप करने या होने वाला अपनी इच्छा से, बिना किसी जोर या दबाव के। ख़ुद.

स्वरूप(221) आकृति, रूप, शक्ल ; प्रकृति, स्वभाव, गुण।
स्वर्ग(22) देवलोक ; ऐसा स्थान जहाँ सभी प्रकार के सुख प्राप्त हों और नाममात्र भी कष्ट या चिंता न हो।
स्वर्ण-युग(222) ऐश्वर्य, ललित कलाओं की समृद्धि एवं शासनिक रूप से शांतिपूर्ण काल।
स्वर्णिम(212) सोने का, सुनहला।
स्वस्थ(22) रोग, विकार आदि से रहित।
स्वागत(22) किसी मान्य या प्रिय व्यक्ति के आने पर आगे बढ़कर आदरपूर्वक उसका अभिनंदन करने की क्रिया या भाव, अभ्यर्थना

स्वाद(21) कोई चीज खाने चा पीने पर जबान या रसनेन्द्रिय को होने वाली अनुभूति
स्वादिष्ट(221) जिसका जायका या स्वाद बहुत अच्छा हो, जो खाने में बहुत अच्छा जान पड़े।
स्वाभाविक(222) प्राकृतिक, क़ुदरती ; जो या जैसा प्रकृति के या स्वभाव के अनुसार साधारणत: हुआ करता है, सहज।
स्वामित्व(221) मालिक अथवा स्वामी होने की अवस्था या भाव, मालिकी ; प्रभुता, आधिपत्य।
स्वामी(22) वह व्यक्ति जिसे किसी वस्तु पर पूरे और सब प्रकार के अधिकार प्राप्त हों, मालिक ; पति शौहर।
स्वार्थ(22) अपना अर्थ या उद्देश्य, अपना मतलब।
स्वार्थी(212) मात्र अपने उद्देश्य कही सिद्धि चाहने वाला, ख़ुदगर्ज़
स्वावलंबन(2122) अपने पर ही भरोसा रखने और दूसरे से सहायता न लेने की अवस्था, गुण या भाव, आत्मनिर्भरता।
स्वावलंबी(2122) अपने ही बल पर काम करने वाला, दूसरे की सहायता न लेने वाला, आत्मनिर्भर।
स्वास्थ्य(212) स्वस्थ अर्थात निरोग होने की अवस्था, गुण या भाव, निरोगता, आरोग्यता, तन्दरुस्ती।
स्वीकार(221) अपना बनाने, ग्रहण करने या लेने या अपनाने की क्रिया या भाव ; कोई बात मान लेने की क्रिया या भाव।
स्वीकृति(221) स्वीकार करने की क्रिया या भाव सहमति

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