“ग” और “ग़”

:पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ

ग़ज़ीदा (122)= डंक लग हुआ, काट खाया हुआ
गुज़र (12)= जाना, एक रास्ता, एक जीवन
गुज़ारा (122)= जीविका, जीवन निर्वाह, रास्ता, घर
गुज़ारिश (122)= अनुनय, विनय, प्रार्थना, वर्णन
गुज़ीदा (122)= चुना हुआ, निर्वाचित
गुनाह (12)= दोष, पाप, अपराध
गुफ़्तगू (212)= बातचीत, उपदेश
गुम (2)= खोया हुआ, बेसुध, अनुपस्थित, लापता
गुमगश्ता (222)= भटकता हुआ, खोया हुआ
गुमनाम (221)= नामहीन, अज्ञात, अविदित, प्रतिष्ठाहीन
गुमराह (221)= भटका हुआ, खोया हुआ, दुष्ट, नीच
गुमसुम (22)= मौन, शान्त
गुमान (121)= सन्देह, शंका, कल्पना, गर्व, विचार, अविश्वास
गोया (22)= वाग्मी, सुवक्ता, बोलते हुए
गर्द (21)= धूल, तुच्छ
गर्दन (22)= ग्रीवा
गर्दिश (22)= चक्कर, घुमाव, दुर्भाग्य, आवारापन
गर्म (21)= उष्ण, जलना, प्रचण्ड, तीव्र, उत्साहपूर्ण, सजीव
गिर्द (21)= परिधि, गोल, परिप्रदेश, नगरोपान्त
गिर्दाब (221)= भंवर, अतल समुद्र, बवंडर
गिरह (12)= गांठ, जोड़, अंगुली का जोड़
गिरया (22)= रोना, विलाप करना, स्र्दन, फरियाद
गिरां (12)= अमूल्य, महंगा, बहुमूल्य, भारी, महत्वपूर्ण
गिरियां (22)= रोते हुए, चीखते हुए
गिरौ (12)= वचन, गिरवी
गिरिफ़्तार (1221)= बन्दी बनाना, पकड़ना, वश होना, सम्मोहित, बन्दी
गीर (21)= विजयी, लेने वाला, अधिकारी, छीनने वाला
गुल (2)= गुलाब, फूल, गहना, छाप
गुलज़ार (221)= उपवन, फूलों की क्यारी
गुलदस्ता (222)= फूलों का गुच्छा
गुलबदन (212)= कोमल, सुडौल, सुन्दर
गिला (12)= रोष, शिकायत, अभियाग, दोष
गुलशन (22)= फूलों या गुलाबों का उपवन
गुलाब (121)= गुलाब
गुलिस्तां (122)= गुलाबों का उपवन
गवारा (122)= मनभावन, सम्मत, सुहावना, कोमलता
गवाह (121)= साक्षी
गवाही (122)= प्रमाण, साक्ष्य
गोश (21)= कान
गोशा (22)= कोना, कोण, कोठरी, एकान्तता
गुस्ताख़ी (222)= अभद्रता, घमंड, धृष्टता
गुसार (121)= छीनता हुआ, छितरता हुआ, दूर होता हुआ
गेसू (22)= लटाएं, केशों के छल्ले
गैहान (221)= संसार, सृष्टि

ग़ज़ल (12)= कविता
ग़द्दार (221)= राजद्रोही, विश्वासघाती, अविश्वसनीय
ग़फ़लत (22)= असावधानी, ऊंघ, अचेतनता
ग़म (2)= शोक, दु:ख, चिन्ता

ग़मआलूद (2221)- ग़म से भरा हुआ
ग़मकदा (212)- ग़म का घर
ग़मख़ाना (222)- ग़मकदा की तरह इसका अर्थ भी ग़म का घर होता है
ग़मकश (22) – ग़म सहने वाला
ग़मख़ोर (221)- ग़म खाने वाला
ग़मख़्वार (221) – हमदर्द
ग़मख़्वारी (222)- हमदर्दी
ग़मगुसार (2121)- हमदर्द (ग़मख़्वार और ग़मगुसार के मा’नी एक ही होते हैं)
ग़मगुसारी (2122)- हमदर्दी (ग़मख़्वारी और ग़मगुसारी के मा’नी एक ही होते हैं)
ग़मदीदा (222) – ग़मगीन, दुःख से भरा हुआ 

ग़मनाक(221)- ग़म से भरा हुआ
ग़मरसीदा(2122)- जिसे दुःख पहुँचा हो,जिसे ग़म मिला हो
ग़मदोस्त(221)- जो ग़म का दोस्त हो (जिसे ग़म में रहना पसंद हो, ऐसे लोगों को निराशावादी भी कहा जाता है)
ग़म ए दिल (122)- दिल का ग़म
ग़म ए दौराँ (1222)- दौर का ग़म (दुनिया का ग़म)
ग़म ए पिन्हाँ (1222)- पिन्हाँ का ग़म (इश्क़ का ग़म)
ग़म ए रोज़गार (122121)- रोज़गार ना होने का ग़म, या रोज़गार से असंतुष्टि होने पर ग़म
ग़मी (12)- ग़म से सम्बंधित, किसी की मौत हो जाने पर भी कहा जाता है,”ग़मी हो गयी”
ग़मदीदा (222)= दु:खित, व्यथित
ग़म्माज़ (221)= भेदिया, चुग़लीबाज
ग़ायब (22)= गुप्त, छिपा हुआ, अनुपस्थित
गु़बार (121)= वाष्प, धुंध, फुहार, धूल, दु:ख
ग़रज़ (12)= अर्थ, रूप रेखा, लालसा, सम्मति
ग़रीब (121)= निर्धन, दीन, अजनबी, भोला, निराला
ग़रूर (121)= गर्व, घमंड
गै़र (21)= अजनबी, परदेसी
गै़र (21)= और भी, सिवाय इसके, इसके उपरान्त, दूसरा, अलग, विदेशी, बुरा, परन्तु, बचाना
गै़रत (12)= मान, नम्रता, शालीनता, द्वेष, घृणा
ग़ौर (21)= ध्यान, गहरी सोच, ध्यान देना
ग़लीज़ (121)= गन्दा, अशुद्ध, भ ा, असभ्य, अश्लील
ग़ालिब (22)= विजयी, प्रधान
ग़ालिबन (212)= साधारणतय, अधिकतर, सम्भवत्
गु़लाम (121)= दास, छोकरा, किशोर
ग़श (2)= बेहोशी, मूर्छा, नशे में उन्मत्त
गु़स्सा (22)= क्रोध, भावुकता, रोष, चिन्ता, शोक

ग़ज़ब(12) (غضب) – ग़ज़ब का अर्थ है ग़ुस्सा,क्रोध. इस लफ़्ज़ का उच्चारण अक्सर कर के लोग गजब या गज़ब करते हैं जबकि ये ग़लत है, सही उच्चारण ग़ज़ब (Ghazab) है.

ग़लत(12) (غلط) – ग़लत का अर्थ है अनुचित. इस लफ़्ज़ का उच्चारण अक्सर कर के लोग ‘गलत’ करते हैं और कुछ तो ऐसे भी हैं जो इसका उच्चारण ‘गल्त’ भी करते हैं जबकि सही उच्चारण ग़लत(Ghalat) है.

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