उनका अंतिम धनुष- आर्थर कॉनन डॉयल
उनका अंतिम धनुष (His Last Bow in Hindi) – आर्थर कॉनन डॉयल 2 अगस्त की रात के नौ बजे थे।…
बशीर बद्र की शायरी
Bashir Badr Shayari यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है…
अमजद इस्लाम अमजद की शायरी
Amjad Islam Amjad Shayari चेहरे पे मिरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन क्या रोज़ गरजते हो बरस जाओ किसी दिन…
अंजुम रहबर की शायरी
Anjum Rahbar Shayari आग बहते हुए पानी में लगाने आई तेरे ख़त आज मैं दरिया में बहाने आई फिर तिरी…
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो – बशीर बद्र
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है उसे चुपके-चुपके पढ़ा…
तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बाद – फ़रहत अब्बास शाह
तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद कितने चुपचाप से लगते हैं शजर शाम के बाद तू है…
अहमद सलमान की शायरी
Ahmad Salman Shayari जो हम पे गुज़रे थे रंज सारे जो ख़ुद पे गुज़रे तो लोग समझे जब अपनी अपनी…
इश्क़ पर ख़ूबसूरत शेर
ये ज़ाफ़रानी पुलोवर उसी का हिस्सा है, कोई जो दूसरा पहने तो दूसरा ही लगे बशीर बद्र —— उजाले अपनी…
The Quietus – अरग़वान
“8 साल हो गए मेरी इस नौकरी को, 8 साल…क्या मिला? कुछ महीनों के ख़र्च के रुपए और कुछ उम्मीदें,…
मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है – सलीम कौसर
मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है सर-ए-आईना मिरा अक्स है पस-ए-आईना कोई और है मैं…