“ज़”

:पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ

ज़ौ (2)= प्रकाश, सूर्य का प्रकाश
ज़’इफ़ (12)= निर्बल, अपंग, असहाय, क्षीणशक्ति, वृद्ध, दुर्बल
ज़ा’इ (21)= पराजय, विनष्ट, फलहीन, व्यर्थ
ज़ाकिर (22)= कृतज्ञ, याद करते हुए
ज़ाकिर (22)= कृतज्ञजन, भगवान् की प्रशंसा की कविता
ज़ीक़ (21)= शोक, सन्ताप, विषाद, उदासी
ज़िक्र (21)= स्मरण, सुध, याद, क़ुरान का पाठ
ज़ुकाम (121)= ठंड लगना(बीमारी)
ज़ौक़ (21)= स्वाद, स्र्चि
ज़ख़्म (21)= घाव, हानी, क्षति
ज़ात (21)= आत्मा, स्वयं, जाति, वर्ग
ज़ाति (21)= अंतर्जात, पैदायशी, स्वाभाविक, प्राकृतिक
ज़दा (12)= चोट खाया हुआ, दलित
ज़ि (2)= विपरीत, विस्र्द्ध, प्रतिकूल, असंगत, हठ
ज़ूद (21)= शीघ्र, अचानक, तुरन्त
ज़न्जीर (221)= कड़ी
ज़न्न (21)= सन्देह
ज़िन्दां (22)= कारागार, बन्दीगृह
ज़िन्दा (22)= सजीव, प्राणी
ज़िन्दगी (212)= जीवन, जीविका, अस्तित्व
ज़िन्हार (221)= कभी नहीं, किसी तरह भी नहीं
ज़िन्हार (221)= सावधान!
ज़ीनत (22)= सजावट, सुन्दरता
ज़फ़र (12)= विजय, जीत, लाभ
ज़ु’फ़ (12)= निर्बलता
ज़बान (121)= जीभ, भाषा, मोमबत्ती की ज्वाला
ज़बर (12)= श्रेष्ठ, महान, चोटी, ऊपर, उत्तम
ज़बर्दस्त (1221)= शक्तिपूर्ण, प्रबल, क्रूर, उत्तम
ज़ाबित (22)= संचालक, स्वामी, अधिकारी
ज़ाबित (22)= कठोर, धैर्यवान, नियम का पालन करने वाला, अनुशासक
ज़ाबिता (212)= नियम, रीति, अनुशासन, धर्मसंहिता
ज़ेबा (22)= अलंकृत, सुन्दर, उचित, सुशोभित
ज़माना (122)= समय, काल, काल चक्र
ज़मानत (122)= प्रतिज्ञापत्र, विश्वास
ज़मीन (121)= भूमि, धरती, पृथ्वी
ज़मीर (121)= मन, हृदय, विचार, मनन, बोध
ज़ामिन (22)= धर्मपिता, प्रतिभू, जमानतदार, विश्वास दिलाने वाला
ज़्यादा(ज़ियादा) (122)= अधिकता, अत्याधिकता, अतिशय
ज़िया (12)= प्रकाश, चमक, धूमधाम
ज़ियारत (122)= तीर्थयात्रा, धर्मस्थल पर जाना
ज़र (2)= स्वर्ण, सोना
ज़र्ब (21)= घाव, चोट, पिटाई, प्रभाव, चिन्ह(ज़र्बात का बहुवचन)
ज़रर (12)= घाव, हानि, विपदा, क्षति, शोक, व्यथा, पराजय, विनाश, बरबादी
ज़रिफ़ (12)= तीक्ष्ण, सूक्ष्म, कोमल
ज़रूर (121)= आवश्यक, उचित, योग्य, निस्संदेह रूप से, पूर्ण रूप से
ज़रूरत (122)= आवश्यकता, विवशता, चाहत
ज़ार (21)= रोना, विलाप, उपवन, लालसा, इच्छा
ज़ेर (21)= हारा हुआ, दबा हुआ, कमज़ोर
ज़ोर (21)= शक्ति, बल, प्रभाव, दबाव
ज़लाल (121)= गलती, भूल, अवगुण, खोट
ज़लील (121)= नीच, घृणित, दुष्ट, अधम, तुच्छ
ज़ालिम (22)= क्रूर, अत्याचारी
ज़िल्लत (22)= मानहानि, अपमान, अनादर, नीचता
ज़ुल्फ़ (21)= घुंघराले बाल, लटाएं, केश, छल्ला
ज़ुल्म (21)= अत्याचार, क्रूरता
ज़ह्मत (122)= मन की परेशानी, विपदा, दर्द
ज़हर (21)= विष
ज़हीर (121)= साथी, मित्र, सहयोगी
ज़ाहिर (22)= स्पष्ट, समक्ष, प्रत्यक्ष
ज़ाहिरा (212)= स्पष्ट रूप से, प्रत्यक्ष रूप से
जह़न (21) = बुद्धि, तर्क, समझ, विवेक

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