नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (4): ग और ग़..

उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान से रहते हैं और उसका सही उच्चारण करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है. इन अक्षर (उर्दू में अक्षर को हर्फ़ कहते हैं) की बात करें तो ये फ़,क़, ख़, ग़, और ज़ हैं. असल में इन अक्षरों को बोलने में परेशानी की वजह ये है कि बिलकुल इन्हीं की तरह के अक्षर और भी होते हैं. वो हैं फ, क,ख, ग, और ज. इन सभी में नीचे बिंदी नहीं लगी है बाक़ी इनके लिखने का तरीक़ा बिलकुल एक ही है. लोग अक्सर इसको लेकर परेशान हो जाते हैं कि कौन से लफ़्ज़ में फ और कौन से में फ़ या कौन से में क़ है या क. आज हम “ग” और “ग़” वाले कुछ शब्दों की लिस्ट आपके सामने पेश कर रहे हैं.

ग़- غ- Gh

गंगा, गाँठ, गँडासा, गँदा, गंडोरा(ख़जूर), गंतव्य(ठिकाना, मंज़िल), गंतुक( प्रवासी), गंध(बास, बू, महक), गंधक(सल्फ़र) , गंधर्व(दिव्य गायक), गंधिनि (मदिरा), गंधेंद्रिय (नाक), गम्भीर, गगन, गगनचुंबी ( बहुत ऊँचा), गगनमणि (सूर्य), गगरी(घड़ा) , गज(हाथी), गजरा, गटर, गटकना, गठरी, गठिया, गठिला, गड़गड़ाहट, गड़ना, गड़बड़, गड़रिया(बकरी चराने वाला), गड़ाई, गड्ढा, गद्दी, गड्डी, गढ़ंत (सत्य, गप, गढ़ा हुआ), गढ़, गण(लोग, वृंद, समूह), गणतंत्र, गणना (गिनती), गणमान्य(लोकप्रिय), गणित, गत (बीता हुआ), गतायु (वृद्ध), गति, गतिरोध(अड़चन), गत्ता, गधा, गदा, गद्य, गप, गमन, गमला, गरजना, गर्दन, गरम, गर्व, गरल(विष), गर्त (गड्ढा निम्नबिंदु), गर्द (धूल), गर्भ, गर्वोक्ति(अहंकार से भारी बातें), गला, गली, गलियारा(गैलरी), गवाक्ष( खिड़की), गवारा(कामचलाऊ), गवाह(प्रत्यक्षदर्शी), गवेषक(खोजी), गश्त(चक्कर) गर्दिश, गहन(घना), गहमागहमी(हलचल), गहरा, गहराई, गाँव, गाड़ी, गाढ़ा, गाथा, गाना, गारंटी, गाली( अपभाषा), गिड़गिड़ाना, गिरना, गृहस्थी, गिरह (उलझन, गाँठ, जेब), गिरी(पहाड़), गिरोह, गिलहरी, गीत, गीदड़, गीला, गूँज, गुंजन, गुँथाई, गुफ़ा, गुम्बज( गुम्बद), गुच्छा, गुज़रना, गुज़ारा, गुज़ारिश, गुठली, गुड़, गुड़िया, गुड्डा, गुण, गुणाकर( बहुगुणी), गुत्थी( उलझन, पहेली), गुदगुदी, गुदड़ी, गुनगुना(हल्का गर्म), गुप्त(रहस्यमयी), गुप्तचर(जासूस), गुमनाम, गुमान( अनुमान), गुफ़्त( बात), गुर( सूत्र), गुरु, गुरुत्वाकर्षण(ग्रैविटी), गुलकंद, गुलकारी( कढ़ाई का काम, कशीदाकारी), गुलज़ार, गुलशन, गुलाब, गुलेल, गुहा(गुफ़ा), गूढ़, गिद्ध, गृह, ग्रह, गेंद, गोला, गेय (गा सकने योग्य, काव्यात्मक), गेरू, गेहूँ, गेंदा, गोप(ग्वाला), गोपनीय(गुप्त), गोपुर(नगरद्वार), गोबर, गोरखधंधा(रहस्य), गोलाई, गोली, गौण (महत्वहीन), गौरव, ग्रंथ, ग्रंथि( गाँठ), ग्रहण, ग्रास(निवाला), ग्रीवा(गला) ग्लानि(पश्चाताप).
कुछ और शब्द जिनमें ग का इस्तेमाल होता है लेकिन शुरू’अ में नहीं- संगत, पलँग, विराग, रंगत, दबंग

ग- گ- G

ग़ज़ल, ग़ज़ब, ग़म, ग़ज़ाला (हिरन), ग़दर, ग़द्दार(द्रोही), ग़नीम(डाकू), ग़बन, ग़मख़्वार (सहनशील), ग़मज़दा(दुखी), ग़रक़ (नष्ट), ग़रज़ (ज़रूरत, आवश्यकता), ग़रीब, ग़र्क़ (गहरा, डूबा हुआ), ग़र्ज़ (उद्देश्य), ग़लत, ग़लतफ़हमी (भ्रम), ग़लबा (प्रताप), ग़लीज़( गँदा), ग़ल्ला(गुल्लक), ग़ुस्सा, ग़ाज़ी( धर्मयोद्धा), ग़ाफ़िल( अचेत), ग़ायब, ग़ालिब( प्रभावशाली, विजयी), ग़ुँचा(कली), ग़ुबार(क्रोध), ग़ुब्बारा, ग़ुरबती(निर्वासित व्यक्ति), ग़ुरूर( अहंकार), ग़ुलाम, ग़ुलूला(बंदूक़ गोली), ग़ुस्ल (स्नान), ग़ुस्लख़ाना(स्नानघर), ग़ैबी( अंतर्धान, ईश्वर), ग़ैर(पराया, बिना) ग़ैरत (स्वाभिमान), ग़ैरमामूली (असामान्य), ग़ोता(डुबकी), ग़ौग़ाई( कोलाहलकारी, शोर मचाने वाला), ग़ौर(ध्यान देना), ग़ज़र, ग़ज़ीज़ (नया, कोमल कली), ग़ज़ीर(बहुत अधिक), ग़ज़्म( अंगूर का ताज़ा पका फल), ग़दा(आनेवाला कल), ग़नीमत( उत्तम, अच्छा), ग़बी( मंदअक़्ल), ग़माम( बादल का टुकड़ा), ग़म्ज़ (आँखों का इशारा), ग़रर( शंका, भय), ग़रा(चिपकने वाली चीज़), ग़रीम( क़र्ज़दार), ग़रीर(अच्छा स्वभाव, अच्छी आदत), ग़र्फ़ (चूल्लु भर पानी), ग़र्स( रात का अँधेरा होना), ग़र्स( भूक), ग़लफ़(वैभव की बहुतायत), ग़लल(प्यास), ग़श(मन के विरुद्ध कहना), ग़सिर( गुप्त काम), ग़ाबिर( शेष, बचा हुआ), ग़ाबिन(आलसी), ग़ामी (बलहीन), ग़ुरूब(अद्भुत), ग़ौज़( संकल्प, इरादा)
कुछ और लफ़्ज़ जिनमें ग़ का इस्तेमाल होता है लेकिन शुरू’अ में नहीं- अरग़वान, मुग़ालता, बग़ैर, मग़रूर बेग़ैरत,

[फ़ोटो क्रेडिट (फ़ीचर्ड इमेज): कार्लो डोलची(1616-1686) की पेंटिंग सेंट कैथरीन रीडिंग अ बुक]

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