नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (2): क और क़..

उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान से रहते हैं और उसका सही उच्चारण करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है. इन अक्षर (उर्दू में अक्षर को हर्फ़ कहते हैं) की बात करें तो ये फ़,क़, ख़, ग़, और ज़ हैं. असल में इन अक्षरों को बोलने में परेशानी की वजह ये है कि बिलकुल इन्हीं की तरह के अक्षर और भी होते हैं. वो हैं फ, क,ख, ग, और ज. इन सभी में नीचे बिंदी नहीं लगी है बाक़ी इनके लिखने का तरीक़ा बिलकुल एक ही है. लोग अक्सर इसको लेकर परेशान हो जाते हैं कि कौन से लफ़्ज़ में फ और कौन से में फ़ या कौन से में क़ है या क. आज हम “क” और “क़” से शुरू’अ होने वाले कुछ शब्दों की लिस्ट आपके सामने पेश कर रहे हैं.

क- ک – K

कोयल, काला, कोयला, कबूतर, क्रीम, कभी, कहीं, कहाँ, कोई, कुछ, क्या, कोमल, कंगन, कंकड़, कंकाल, कंगूरा( गुम्बद), कंचन( स्वर्ण, सोना), कनक ( गेहूँ, स्वर्ण, धतूरा) कंजूस, कंटक( बाधा, चुभन या काँटा) काँटा, कंठ( गला), कंठस्थ (ज़बानी याद), कंद( ज़मीन के नीचे होने वाली खाद्य, जैसे प्याज़ आलू), कंघा (बाल सँवारने का उपकरण, कंघी) कंधा(शरीर का भाग), कलाई, कम्बल, कम्पन, कक्ष(कमरा), कक्षा, ककहरा (वर्णमाला), ककड़ी, कचरा, कूड़ा , कच्चा(अपरिपक्व), कटोरा, कटाई, कटाक्ष( टीका-टिप्पणी, तंज), कटाव, कटि(कमर), कटु(कड़वा), कटार, कठपुतली, काठ(लकड़ी), कठिन, कठोर, कड़ा(सख़्त, कंगन) कढ़ाई( कशीदाकारी), कथन, कथा(कहानी), कल(बीता या आने वाला दिन), कन्या, कपट(बेईमानी), कपाल( खोपड़ी), कपोत(कबूतर), कपोल( गाल), कपोल कल्पना( काल्पनिक बात), कमाई, करतूत, करुणा,कर्कश,कर्ण(कान), कर्तन(कटाई), कर्तनी( कैंची), कर्तव्य, कृषक( किसान), कलगी, कला, कल्याण, कल्पना, कवि, कविता, लड़की, लड़का

क़- ق – Q

क़ब्र, क़फ़स, नक़ली,क़ैद,क़ैदख़ाना, क़ैसर (बादशाह),क़ौम (राष्ट्र), क़ौमी (राष्ट्रीय), क़ौमीयत (राष्ट्रीयता), क़ुव्वत (ताक़त), क़ुरआन, क़ुली, क़ुर्बानी, क़ुर्ब (नज़दीकी), क़ुर्बत (नज़दीकी), क़ासिद (पत्र-वाहक), क़ासिम (बाँटनेवाला), क़ाबिल (विद्धान), क़लम, क़लई (बर्तन में चढ़ा रंग जो उसके असली रंग को ढक देता है), क़ातिल, क़त्ल, क़सम, क़तई( ज़रूरी), क़तार(पंक्ति), क़द, क़दम, क़दमबोसी( पदचूमना), क़दर(तरीक़ा), क़द्र (आदर),क़द्दावर, क़बूल(स्वीकार), क़बीला, क़ब्ज़ा, क़यामत, क़यास, क़रीब, क़रीना(क्रम), क़रार(अनुबंध), क़राबा(बहुत बड़ी बोतल), क़राबाकश( पूरी सुराही पी जाने वाला), क़र्ज़, क़लंदरी(हुड़दंग),

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