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घनी कहानी छोटी शाखा: सत्यजीत रे की कहानी “कॉर्वस” का अंतिम भाग

कॉर्वस- सत्यजीत रे भाग- 6 (अब तक आपने पढ़ा…इस कहानी में हमें लेखक सत्यजीत रे ने एक वैज्ञानिक श्रीमान शोंकू की डायरी की बातें हमें पढ़ रहे हैं। वैज्ञानिक शोंकू को बचपन से ही पक्षियों में काफ़ी रुचि रही है और इस रुचि में बढ़ोतरी होती है जब एक दिन उनकी पालतू मैना “भूचाल-भूचाल” चिल्लाने […]

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घनी कहानी छोटी शाखा: सत्यजीत रे की कहानी “कॉर्वस” का पाँचवाँ भाग

कॉर्वस- सत्यजीत रे भाग- 5 (अब तक आपने पढ़ा…इस कहानी में हम एक वैज्ञानिक श्रीमान शोंकू की डायरी की बातें पढ़ रहे हैं। जिससे हमें पता चलता है कि श्रीमान शोंकू को बचपन से ही पक्षियों और उनकी विलक्षण प्रतिभाओं में रुचि थी, जिसके चलते उन्होंने बाद में एक मशीन बनायी। इस मशीन के ज़रिए […]

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घनी कहानी छोटी शाखा: सत्यजीत रे की कहानी “कॉर्वस” का चौथा भाग

कॉर्वस- सत्यजीत रे भाग- 4 (अब तक आपने पढ़ा…सत्यजीत रे की इस कहानी में हम एक वैज्ञानिक की डायरी की प्रविष्टियाँ पढ़ रहे हैं। जिसमें वैज्ञानिक यानी श्रीमान शोंकू बचपन से ही पक्षियों के गुणों से प्रभावित हैं और वो उन पर काम करना चाहते हैं आख़िरकार उन्हें सालों बाद इस बात की याद आती […]

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घनी कहानी छोटी शाखा: सत्यजीत रे की कहानी “कॉर्वस” का तीसरा भाग

कॉर्वस- सत्यजीत रे भाग- 3 (अब तक आपने पढ़ा..सत्यजीत रे इस कहानी में एक वैज्ञानिक की डायरी की प्रविष्टियाँ हमें पढ़ा रहे हैं। यहाँ वैज्ञानिक बचपन से अपने पक्षी प्रेम के बारे में बताते हुए ये बताते हैं कि किस तरह उनके घर की पालतू मैना ने आम बोलचाल के सीखे हुए शब्द से अलग […]

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घनी कहानी छोटी शाखा: सत्यजीत रे की कहानी “कॉर्वस” का दूसरा भाग

कॉर्वस- सत्यजीत रे भाग- 2 (अब तक आपने पढ़ा..एक वैज्ञानिक अपनी कहानी बयान कर रहे हैं। वो बताते हैं कि किस तरह उन्हें बचपन से पक्षियों में दिलचस्पी हुआ करती थी और वो उनके साथ को महसूस किया करते थे। इस बात को आगे बढ़ाते हुए वो अपने घर की पालतू मैना के बारे में […]

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