सूफ़ी प्रेम के गुलदस्ते की तरह है ‘सूफ़ीनामा’

साहित्य दुनिया के ज़रिए आप सभी तक हिंदी और उर्दू साहित्य से जुड़ी तरह-तरह की जानकारी पहुँचती है। कहानियाँ, शाइरी की बातें, व्याकरण की बातें, नुक़्ते का फ़र्क़, मात्राओं के भेद, शाइरों की जानकारी वग़ैरह वग़ैरह। आप तक ये सारी जानकारी पहुँचाने के लिए साहित्य दुनिया टीम भी कई तरह की खोज करती है ताकि आप सभी तक कोई भी जानकारी प्रामाणिक और बिलकुल सही तरह से पहुँचे। ये बड़े दुःख की बात है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट में उपलब्ध हिंदी और उर्दू साहित्य से जुड़ी बहुत सारी जानकारी अधूरी या अपूर्ण है। ऐसे में जब हमें कोई ऐसी चीज़ यहाँ मिलती है जिसे पढ़कर दिल ख़ुश हो जाए तो हम वो जानकारी आप तक भी ज्यों की त्यों बाँटना चाहते हैं।

हमें बड़ी ख़ुशी है कि साहित्यिक तौर पर एक बेहतरीन साइट हमें हाल ही में देखने मिली। एक ऐसी जगह जहाँ कई बेहतरीन रचनाओं को स्थान मिला है और इस जानकारी को हम ज्यों का त्यों आपके साथ बाँट रहे हैं। सूफ़ी भाव हर उस इंसान में मौजूद है जो अपने सामने आने वाले जीव को एक जीव मानकर उससे प्रेम कर सकता है, जो प्रकृति को अपना बनाकर उसमें खो सकता है। बड़े तौर पर अगर कहें तो सूफ़ी विचार वहाँ है जहाँ प्रेम का वास है और जहाँ सभी को देखने के लिए एक ही नज़रिया है। सूफ़ी भाव कहीं न कहीं प्रेम में खो जाने और ख़ुद को पा लेने का मार्ग है।

Sufinama

इस साहित्यिक प्रेम के मार्ग में ही हमारी मुलाक़ात एक ऐसे हमसफ़र से हुई। हमारा मानना है कि साहित्य को प्रोत्साहित करने में किसी तरह की प्रतिस्पर्धा का न होना ही बेहतर है; इसी विचार को अपनाते हुए हम आपको रूबरू करवाना चाहते हैं सूफ़ी विचारों के गुलदस्ते “सूफ़ीनामा” से।

सूफ़ीनामा में सूफ़ी भाव को दर्शाने वाली हर रचना का समावेश हैं। रेख़्ता समूह की ओर से शुरू की गयी इस वेबसाइट को लोग काफ़ी पसंद कर रहे हैं. आम ओ ख़ास सभी को पसंद आने वाली इस साईट के ट्विटर पेज पर 20,000 फ़ालोअर्ज़ हो गए हैं. इस कोशिश को रेख़्ता के सहयोग से सामने लाने के लिए पूरा ख़ाका खींचा है सुमन मिश्रा ने। जिनसे बात करने पर हमें पता चला कि उन्होंने सूफ़ीनामा के लिए काफ़ी मेहनत की। कई सालों की इस मेहनत में उन्होंने बड़े लगन से सूफ़ी विचारों की रचनाओं को छाँटकर एक साथ संजोया। उनका कहना है कि कई ऐसी रचनाएँ भी सूफ़ीनामा में मिल जाएँगी, जिनका कहीं और मिलने का कोई योग ही नहीं है।

इस बेहतरीन कोशिश और उसके पीछे की गयी मेहनत को साहित्य दुनिया टीम की ओर से सलाम है। हमारी शुभकामनाएँ हैं कि सूफ़ीनामा टीम अपने काम के ज़रिए और इन सूफ़ी रचनाओं के ज़रिए लोगों तक प्रेम का संदेश पहुँचाए। साथ ही जिस तरह का प्रेम साहित्य के लिए उनका दिखता है कुछ वैसा ही प्रेम साहित्य दुनिया का भी साहित्य के प्रति है। ये प्रेम भी निरंतर बढ़े। हमारे पाठकों को हम यही कहना चाहते हैं कि हमें जब भी इस तरह साहित्य से जुड़े और साहित्य को प्रोत्साहित करने वाले लोगों के बारे में पता चलेगा हम उनसे आपको ज़रूर रूबरू करवाएँगे। साहित्य और प्रेम जितना सम्भाला जाए और जितना बाँटा जाए उतना ही बढ़ता है।

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