‘फ’ और ‘फ़’

फटकना(122) सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना ; कपड़े को इस प्रकार झाड़ना कि उसमें से लगी हुई धूल या सिलवटें निकल जाएँ।
फड़कना(122) शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना। कोई बहुत बढ़िया या विलक्षण चीज देखकर मन में उक्त प्रकार का स्फुरण होना जो उस चीज के विशेष प्रशंसक होने का सूचक होता है। पक्षियों के पर हिलना, फड़फड़ाना।

फबना(22) किसी वस्तु या व्यक्ति का शोभन तथा सुंदर लगना ;
फल(2) पेड़ का फल ; किसी प्रकार की क्रिया, घटना, प्रयत्न आदि के परिणाम के रूप में होने वाली बात।
फलना(22) वृक्ष का फलों से युक्त होना ; किसी काम या बात का शुभ परिणाम प्रकट होना ; सुख-समृद्धि का कारण बनना।
फसल(12) खेत मेंबोये हुए अनाजों आदि की पैदावार (क्रॉप/हार्वेस्ट)।
फब्बारा(22) एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानी या किसी तरल पदार्थ की बूंदें निरन्तर गिरती हैं, फुहारा (फाउन्टेन)।
फहराना(222) खुले या फैले हुए वस्त्रों या झंडे का हवा में उड़ना (हाइस्ट)। कोई चीज इस प्रकार खुली छोड़ देना जिससे वह हवा में हिले और उड़े।
फांसना(212) फंदे में किसी पशु-पक्षी को फंसाना ; छल, ठगी, युक्ति आदि से किसी व्यक्ति को अपने लाभ के लिए फंसाना।
फांसी(22) प्राणदंड; रस्सी का वह फंदा जिसे लोग गले में फंसाकर आत्महत्या के लिए झूल या लटक जाते हैं।
फाटक(22) मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेन गेट)।
फाड़ना(212) काग़ज़, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना ;

फिर (پھر) (2) –  लफ़्ज़ ‘फिर’ को अधिकतर आबादी ‘फ़िर’ पढ़ती है जबकि इसका सही उच्चारण ‘फ़िर’ नहीं ‘फिर’ है. इसमें ध्यान देने की बात है कि फ के नीचे कोई नुक़ता (बिंदी) नहीं है. फ (बग़ैर बिंदी का) होने की सूरत में आवाज़ बिलकुल वैसी निकलती है जैसी ‘प’ और ‘ह’ को मिला कर एक साथ पढ़ने पर आएगी. ऐसे में इसका उच्चारण फ़िर (Fir) नहीं होगा,‘फिर'(Phir) होगा.

फीका(22) स्वादहीन (पदार्थ) ; जो यथेष्ट चमकीला या तेज न हो, (रंग);
फुटकर(22) भिन्न या अनेक प्रकार का ; जो इकट्ठा या एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग या खंडों में आता या रहता हो, थोक का विपर्याय (रिटेल)।
फुदकना(122) थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उछलते हुए आते-जाते रहना ; उमंग में आकर अथवा प्रसन्नता-पूर्वक उछलते हुए इधर-उधर आना-जाना।
फुलझड़ी(212) छोटी, पतली डंडी की तरह की आतिशबाजी जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकली हैं।
फुलवारी(222) फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा।
फुसफुसाना (2122) बहुत ही धीमे स्वर में कुछ बोलना।
फुहार(121) ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी-छोटी बूँदे।
फुहारा(122) ज़मीन से फूट पड़ने वाली तेज धार (स्प्रिंग); एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानीया किसी तरल पदार्थ की बूंदे निरन्तर गिरती हैं, फव्वारा (फाउन्टेन)।

फूंकना(212) मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना ; आग लगाना, जलाना या सुलगाना; बुरी तरह से नष्ट या बरबाद करना।
फूट(21) आपसी अनबन या बिगाड़ ; एक प्रकार की बड़ी ककड़ी जो पकने पर प्राय: खेतों में ही फट जाती है।
फूल(21) पुष्प, कुसुम ; शव के जल जाने के बाद बची हुई हड्डियाँ।
फूलदान(2121) फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान।
फूलना(212) अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया
फेंकना(212) हाथ से किसी चीज को ऊंचा उछाल कर गिरा देना।
फेन(21) बुलबुलों का समूह, झाग।
फेरा(22) किसी चीज के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव ; विवाह के समय वर-बधू द्वारा की जाने वाली अग्नि की परिक्रमा ; बार-बार कहीं आने-जाने की क्रिया या भाव।

फैलना(212) किसी चीज का विस्तार होना ; किसी बात आदि का व्यापक क्षेत्र में चर्चा का विषय बनना।
फोड़ना(212) शीशा, चीनी, या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना

फ़ाइक़ (फ़ायक़) (22)= श्रेष्ठ, महान
फ़ाइदा(फ़ायदा) (212)= लाभ, हित, उपयोगिता
फ़क्र (21)= निर्धनता
फ़ाक़ा (22)= भूख, व्रत, निर्धनता
फ़िक्र (21)= विचार, चिन्ता, मति, राय
फ़ख़्र (21))= मान,अहंकार यश, गौरव
फ़ाख़िर (22)= अभिमानी
फ़िगार (121)= दु:खित, घायल, चिन्तित
फ़ुग़ाँ (12) = दर्द भरी पुकार, स्र्दन, गोहार
फ़ज़ (2)= स्र्दन, रोना, विलाप
फ़ज़ल (12)= श्रेष्ठता, गुण, सुबुद्धि, पुण्य
फ़ाज़िल (22)= प्रवीण, निपुण, सच्चरित्र
फ़ैज़ (21)= स्वतन्त्रता, सुन्दरता, उदारता
फ़ौज (21)= सेना, भीड़, जनता
फ़त्वा (22)= न्यायिक आदेश
फ़ित्ना (22)= विद्रोह, दंगा, लुभाव, झगड़ा, बुरापन
फ़ितरत (22)= स्वभाव, कपट, रचना, बुद्धि
फ़िदा (12)= बलि, फिरौती, श्रद्धा, परिवर्तन
फ़िदाई (121)= प्रेमी
फ़र्माइश (222)= वस्तुआें की मांग, प्रयोजन, आनन्द, इच्छा
फ़र्मान (221)= आदेश, राजघोषणा
फ़र्याद(फ़रियाद) (221)= दुखड़ा कहना, पुकार
फ़रिश्ता (122)= देवदूत, संदेश लाने वाला दूत, ईश्वरदूत, भविष्यद्वक्ता
फ़रेब (121)= धोखा, चालाकी, ठगी, कपट
फ़रो (12)= नीच
फ़िरदौस (221)= स्वर्ग, उपवन
फ़िराक़ (121)= जुदाई, चिन्ता, विरह, दूरी, अनुपस्थिती
फ़ुर्सत (22)= अवसर, अवकाश, विश्राम
फ़ौरन (22)= तुरन्त, शीघ्रता से, स्पष्टता से
फ़लक (12)= आकाश, स्वर्ग, भाग्य
फ़ुवाद (121)= हृदय
फ़ाश (21)= सन्मुख, ज्ञात, प्रसिद्ध
फ़साना (122)= प्रेमकथा, कहानी, किस्सा
फ़ासिला (212)= दूरी, अन्तर, पृथकता
फ़ैसला (212)= निर्णय, आदेश, सन्धि
फ़हम (12)= समझ, बुद्धि

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