शा’इरी की बातें (20): ग़ज़ल का मतला क्या होता है?

मत’ला: ग़ज़ल या क़सीदे का वो शे’र जिसके दोनों मिसरों में रदीफ़ और क़ाफ़िये का इस्तेमाल होता है उसे मत’ला कहते हैं. अक्सर को ग़ज़ल

आगे पढ़ें..

अलफ़ाज़ की बातें (14): हालातों, जज़्बातों, अल्फ़ाज़ों ग़लत क्यूँ?

अक्सर हम देखते हैं कि सोशल मीडिया पर हमें ऐसे लेख पढ़ने को मिल जाते हैं जिनमें “हालातों”, “जज़्बातों” या “अल्फ़ाज़ों” का इस्तेमाल होता है

आगे पढ़ें..

शा’इरी की बातें (19): क़ाफ़िया क्या है?

क़ाफ़िया: रदीफ़ से ठीक पहले आने वाले वो शब्द जो एक ही आवाज़ पर ख़त्म होते हैं, उन्हें क़ाफ़िया कहते हैं.मत’ला में क़ाफ़िया दोनों मिसरों

आगे पढ़ें..

शा’इरी की बातें (18): रदीफ़ क्या है?

रदीफ़: ग़ज़ल या क़सीदे के शेरों के अंत में जो शब्द या शब्द-समूह बार-बार दुहराए जाते हैं, उन्हें रदीफ़ कहते हैं. मत’ले में रदीफ़ दोनों

आगे पढ़ें..

सच्ची घटनाओं पर आधारित लेखक लाल भाटिया की किताब प्रकाशित

सोचिए, अगर आपको किसी दूसरे देश में बिना किसी सपोर्ट सिस्टम के अपनी आजादी की लड़ाई लड़नी पड़े, अपने ही परिवार के सदस्यों से धोखा

आगे पढ़ें..

समाज की बुराईयों को ज़ाहिर करती और उनका इलाज बताती है “द हंड्रेड बक्स”

इन दिनों जब सभी को घर में रहना है तो ऐसे में सबसे बड़ा सहारा है किताबें। जिन्हें पढ़ने का शौक़ हो उनके लिए घर

आगे पढ़ें..

error: Content is protected !!