‘उ’ और ‘ऊ’

:पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ

उक़ूबत (122) दण्ड, सज़ा
उजाड़ (121) बंजर, विरान, निर्ज
उर्दू (22) सेना, शिवर
उफ़क़ (12) क्षितिज
उफ़्ताद (221) दुर्भाग्य, दुर्घटना, नींव
उम्मीद (221) आशा, प्रतीक्षा, विश्वास
उम्र (21) आयु
उबाल (121) क्रोध, रोष, खौल
उरियां (22) नग्नता, खाली, शून्य, विहीन
उरूज (121) उदय, महानता, गौरवान्वित
उस्ताद (221) अध्यापक, गुस्र्
उड़ेलना (1212)किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालना या जमीन पर गिरा देना।
उकताना (222) ऊबना।
उकसाना (222) भड़काना, उत्तेजित करना।
उक्ति (21) किसी की कही हुई बात, कथन, वचन।
उखाड़ना (1212) ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना; भागने या हटने के लिए विवश करना।
उगना(22) उदय होना, निकलना; अंकुरित होना; उपजना, पैदा होना।
उगलना(122) मुँह में ली हुई चीज को थूक देना, खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना।
उगाना(122) किसी बीज या पौधे आदि को उगने में प्रवृत करना, उपजाना। उत्पन्न या पैदा करना।
उघाड़ना(1212) खोलना, अनावृत करना, नंगा करना।
उचटना(122) किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना; मन का हट जाना, न लगना, ऊबना।
उचित(12) उपयुक्त, मुनासिब; ठीक, सही; न्यायसंगत।
उच्च(21) ऊँचा; पद आदि में औरों से ऊपर या बड़ा; श्रेष्ठ।
उच्चारण(222) सार्थक शब्द कहने या बोलने का निश्चित और शुद्ध ढंग या प्रकार
उछल-कूद (1221) बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया या भाव।
उछलना(122) वेगपूर्वक ऊपर की ओर उठना या बढ़ना; अत्यंत प्रसन्न होना, खुशी से फूलना।
उजड़ना(122) बसे हुए स्थान के आबाद न रहने पर उस का टूट-फूट कर बेकार हो जाना।
उजाला(122) चांदनी, प्रकाश, रोशनी; प्रात:काल होने वाला प्रकाश।
उठना(22) ऊंचाई की ओर या ऊपर जाना अथवा बढ़ना, गिरे, झुके, बैठे या लेटे होने की स्थिति से खड़े होने की स्थिति में आना;जागना।
उड़ना(22) पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना-जाना। गायब या लुप्त हो जाना।
उतना(22) पहले निर्धारित मात्रा, मान, संख्या, दूरी आदि का सूचक।
उतरना(122) किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर के या ऊंचे स्थान से क्रमश: नीचे की ओर आना।
उतार-चढ़ाव (121 121) नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की अवस्था, क्रिया या भाव; किसी वस्तु के मान, मूल्य स्तर आदि का बराबर घटते-बढ़ते रहना।
उतारना (1212) ऊपर से नीचे लाना; अलग करना (वस्त्र), आभूषण; पार या दूसरी ओर पहुँचाना (नदी आदि के)।
उत्कंठा(222) कुछ करने या पीने की प्रबल इच्छा, चाव।
उत्कर्ष (221) ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव; पद, मान, संपत्ति, भाव, मूल्य आदि में होने वाली वृद्धि।
उत्तम(22) गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर।
उत्तराधिकार(212121) किसी को न रह जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन-संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार
उत्तेजना(2212) वह स्थिति जिसमें मन की चंचलता के कारण कोई व्यक्ति बिना समझे-बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से प्रवृत या रत होता है।उत्पादन उत्पन्न या पैदा करने, बनाने की क्रिया या भाव।

उत्सव (22) ऐसा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम जिसमें विशिष्ट अवसर पर विशिष्ट उद्देश्य से लोग उत्साहपूर्वक सम्मिलित होते हैं।
उत्साह(221) मन की वह वृत्ति या स्थिति जिसके परिणामस्वरूप मनुष्य प्रसन्नता और तत्परतापूर्वक किसी काम को पूरा करने या किसी उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए अग्रसर होता है।

उत्सुक (22) जिसके मन में तीब्र अथवा प्रबल अभिलाषा हो या जो किसी काम या बात के लिए किंचित् अधीर हो।
उदय(12) ऊपर की ओर उठने, उभरने या बढ़ने की क्रिया या भाव, उद्भव;ग्रह, नक्षत्रों आदि का क्षितिज से ऊपर उठकर आकाश में आना और दृश्य होना

उदार(121) खुले दिलवाला, दानी;जो स्वभाव से नम्र और सुशील हो और पक्षपात या संकीर्णता का विचार छोड़कर सबके साथ खुले दिल से आत्मीयता का व्यवहार करता हो।

उदास(121) खिन्न, जो किसी प्रकार की उपेक्षा या अभाव के कारण अथवा भावी अनिष्ट की आशंका से खिन्न और चिन्तित हो।
उदासीन(1221) अलग या दूर रहने वाला; आसक्ति अथवा कामना-रहित; तटस्त, विरक्त।
उदाहरण(1212) नियम, सिद्धान्त आदि को बोधगम्य तथा स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य; ऐसा आचरण, कृति या क्रिया जो दूसरों को अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित करे।

उद्घाटन(222) आवरण या परदा हटाना; आधुनिक परिपाटी या रस्म जो नया कार्य आरंभ करने के समय औपचारिक उत्सव या कृत्य के रूप में की जाती है।

उद्देश्य(221) वह बात, वस्तु या विषय जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए, अभिप्रेत कार्य, पदार्थ या विषय, इष्ट।
उद्धरण(212) किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश।
उद्यम(22) परिश्रम, मेहनत।
उद्योग(221) परिश्रम, अध्यवसाय; काम-धंधा।
उद्योगपति(22111) कच्चे माल से पक्का माल तैयार करने वाले किसी बड़े कारखाने का स्वामी; किसी भी उद्योग का स्वामी।
उधेड़ना(1212) सिलाई के टांके खोलना।
उधेड़-बुन (121 2) मन की अनिश्चियात्मक स्थिति, उलझन।
उन्नति(22) आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया; उच्चता।
उन्माद(221) मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था; साहित्य में एक संचारी भाव।
उन्मूलन(222) मूल या जड़ से नष्ट-भ्रष्ट करने की प्रक्रिया; समाप्त करना।
उपग्रह(221) बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रंह; किसी ग्रह की परिक्रमा करने के लिए आकाश में छोड़ा जाने वाला यांत्रिक गोला या पिंड।
उपचार(221) चिकित्सा।
उपज(12) जो उपजा हो, पैदावार, फसल;जो बन कर तैयार हुआ हो, उत्पादन; मन की नई उद्भावना या सूझ।
उपजना(122) उगना, अंकुर निकलना या फूटना; कोई नई बात सूझना।
उपजाऊ(221) कृषि के लिए उपयुक्त भूमि।
उपदेश(221) धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें; समुचित राय।
उपद्रव(221) दंगा, फसाद; हलचल, ऊधम।
उपनगर(212) नगर के आसपास बसा हुआ बाहरी भाग।
उपनाम(221) वास्तविक नाम से भिन्न कवियों, लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम
उपन्यास(1221) वह काल्पनिक गद्य कथा जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य-कलापों का विस्तृत चित्रण हो।
उपभोक्ता(2212) काम में लाने या व्यवहार करने वाला, खपतकार।

उपभोग(221) आनन्द या सुख-प्राप्ति के लिए किसी वस्तु का भोग करना या उसे व्यवहार में लाना; किसी वस्तु का इस रूप में प्रयोग करना कि उसकी उपभोगिता धीरे-धरे कम होती चले।

उपमा(22) समान गुणों के आधार पर दो वस्तुओं को तुल्य या समान ठहराना;एक अर्थालंकार जिसमें उपमेय व उपमान भिन्न होते हुए भी उनमें किसी प्रकार की एकता या समानता दिखाई जाए।

उपयोग(221) प्रयोग, व्यवहार।
उपयोगी(222) जो प्रयोग या व्यवहार में लाए जाने के योग्य हो।
उपलक्ष्य(221) वह बात जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए।
उपला(22) जलाने के काम आने वाली गोबर का सूखा टुकड़ा, कंडा।
उपवन(22) उद्यान, बाग, पार्क।
उपवास(221) दिन-भर या दिन-रात भोजन न करना (भूखे रहना, लंधन, फाका)।
उपसंहार(2121) अंत, समाप्ति; किसी प्रकरण, विषय् आदि का अंतिम अंश जिसमें विषय का सारांश दिया जाता है।
उपस्कर(122) औज़ार, उपकरण।
उपस्थिति(122) हाज़िरी।
उपहार(221) प्रसन्न होकर तथा सद्भाव-पूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु।
उपहास(221) हंसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक।
उपाधि(121) महत्व योग्यता, सम्मान आदि का सूचक वह पद या शब्द जो किसी के नाम के साथ लगाया जाए, खिताब, पदवी, डिग्री।
उपाय(121) युक्ति, तरकीब।
उपासक(1212) जो उपासना करता हो; आराधक।
उपासना(1212) ईश्वर, देवता आदि की मूर्त्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिन्तन, पूजन आराधन; किसी वस्तु के प्रति अत्यधिक आसक्ति की भावना।

उपेक्षा(122) अवहेलना; अनादर।
उबकाई(222) उल्टी, कै; मिचली, मितली, मतली।
उबरना(122) घात, फंदे, संकट आदि से बच जाना।
उबलना(122) आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना; उत्तेजित होना, आवेश में आना।
उभरना(122) नीचे के तल से उठ या निकलकर ऊपर आना; ऊपर उठकर या किसी प्रकार उत्पन्न होकर अनुभूत या प्रत्यक्ष होना।
उमंग(121) कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनन्द या उत्साह।
उम्मीदवार(22121) किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए खड़ा होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति, प्रत्याशी।
उर्वर(22) उपजाऊ; जिसकी उत्पादन शक्ति आधिक हो (तत्त्व)।
उर्वरक(212) खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रसायनिक खाद (फ़र्टिलाइज़र)।
उलझन(22) ऐसी स्थिति जिसमें किसी प्रकार का निराकरण़ या निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी।
उलझना(122) किसी चीज के अंगो का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फंसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सकें।झंझट, झगड़े, बखेड़े आदि में इस प्रकार फंसना कि जल्दी छुटकारा न हो सके।

उलटना (122) सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना; साधारण स्थिति से विपरीत या विरुद्ध हो जाना या करना; ऊपर का भाग नीचे और नीचे का भाग ऊपर की स्थिति में होना।

उलटी(22) कै, वमन।
उलाहना(1212) अपकार या हानि के प्रतिकार या पूर्त्ति के लिए ऐसे व्यक्ति से उसकी दु:खपूर्वक चर्चा करना जो उसके लिए उत्तरदायी हो या उसका प्रतिकार कर अथवा करा सकता हो, गिला, शिकवा।

उलीचना (1212) किसी बड़े आधार या पात्र में भरे हुए जल को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना।
उल्लंघन(222) आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना, अतिक्रमण।
उल्लास(221) आनन्द, प्रसन्नता।
उल्लेखनीय(22121) जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो।
उसूल(121) सिद्धान्त।
उस्तरा(212) बाल मूंडने का छुरा।

ऊँघना(212) झपकी आने पर आंखे बंद होना और सिर का बारबार झूलना।
ऊँचा(22) आधार या तल से ऊपर उठा हुआ; लंबा; पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से दूसरों से आगे बढ़ा हुआ।
ऊँचाई(221) ऊँचे होने की अवस्था या भाव; गौरव, बड़ाई।
ऊपर(22) आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में; किसी के आधार या सहारे पर। ओरों से बढ़कर, श्रेष्ठ, उत्तम; अधिक, ज्यादा।
ऊबना(212) जी भर जाने के बाद किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना।
ऊष्मा(212) गरम होने की अवस्था, गुण या भाव, गरमी, ताप।
ऊसर(22) ऐसी भूमि जिसमें रेह की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कुछ उत्पन्न न होता हो, अनुपजाऊ, बंजर, परती।
ऊहापोह(2221) पुलिंग

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