नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (6): क्या है बिंदी का फ़र्क़..

उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान से रहते हैं और उसका सही उच्चारण करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है. इन अक्षरों (उर्दू में अक्षर को हर्फ़ कहते हैं) की बात करें तो ये ख़, ग़, फ़, क़ और ज़ हैं. असल में इन अक्षरों को बोलने में परेशानी की वजह ये है कि बिलकुल इन्हीं की तरह के अक्षर और भी होते हैं. वो हैं ख, ग, फ, क और ज. इन सभी में नीचे बिंदी नहीं लगी है बाक़ी इनके लिखने का तरीक़ा बिलकुल एक ही है.

ख- کھ – Kh
खेल, खोली, खिलाड़ी, खोदना, खाना (भोजन), खोया, आँख, लिखना, खोया, खो-खो, खड़ी, राख, रख, देख..

ख़- خ – KH
ख़ुदा, ख़ुद, ख़ुद्दार, ख़म, ख़लिश, ख़िरद, ख़िलाफ़त (ख़िलाफ़त का मतलब विरोध नहीं होता, ख़िलाफ़त का अर्थ प्रतिनिधित्व होता है), ख़िलाफ़, ख्व़ाब (इसका उच्चारण ख़ाब होगा), ख़बर, ख़बरदार, ख़त, ख़ातिर, ख़ातून, ख़ाना (इसका अर्थ घर होता है), ख़ालू, ख़ुश, ख़ुशबूदार, ख़ुशबू, ख़ुशमिज़ाज, ख्व़ाहिश (इसका उच्चारण ख़ाहिश होगा), ख़ामोशी,ख़रगोश, ख़ामशी, ख़ामुशी, ख़मोशी( इन चारों लफ़्ज़ का अर्थ सन्नाटा है),ख़ामोश, दरख़्त, बेख़बर, बरख़ुदग़लत, फ़ख़्र, नख़, तख़ल्लुस.

ग- گ – G
गमला, गोली,गंदगी, गोल, गौरैया, गज, गुज़र, गुज़िश्ता (गुज़रा हुआ), गुनाह, गुनाहगार, गुज़ारिश,गिरोह, गुर्ग, गुमशुदा, गुमशुदगी, गुमनाम, गुल, गुस्ताख़, गुलज़ार, गुलाब, गुलशन, गन्ना, गोश्त, गोया, गुलपोश (फूलों से ढका हुआ)

ग़- غ – Gh
ग़ज़ल, ग़ज़ब, ग़म, ग़द्दार, ग़दर, ग़ज़ीज़, ग़रज़, ग़रज़मंद, ग़र्क़, ग़ुरूर, ग़ुलामी, ग़ैर, ग़मगीन, ग़ौर, पैग़ाम

फ- پھ – Ph
फूल, फिर,फैलाव, फिसलन , फल, फेरी,सरफिरा, सरफिरी, फंदा (गाँठ या पाश), फँसना, फटकार(डाँट),फन (साँप का मुँह), फफ़ोला(छाला), फहराना, फाँक( छोटा टुकड़ा), फिटकरी, फीका(सादा), फुदकना, फुहार( बौछार), फूँक, फेफड़ा(कलेजा), फेरबदल (बदलाव, परिवर्तन), फेरा( चक्कर), फुग्गा( गुब्बारा), फिसड्डी, फागुन, फाँदना, फाँस, फलित(फलदायी), फड़कना (सिहरना या अनुभव हो सके ऐसे हिलना।।जैसे आँख का फड़कना), फाटक(दरवाज़ा), फटीचर( कंगाल), फफकना( धीमी आवाज़ में रोना), फबना (अच्छा लगना), फलीभूत( संतुष्ट, फलयुक्त), फुर्ती( चपलता), फुलझड़ी, फुसफुसाना( बहुत हल्की आवाज़ में बात करना), फुसलाना(बहलाना), फूट (भेदनीति), फिसल
कुछ और लफ़्ज़ जिनमें फ़ का इस्तेमाल होता है लेकिन शुरू’अ में नहीं..सरफिरा,

फ़- ف – F
फ़क़ीर, फ़ज़ा, फ़ना (इसका अर्थ है ‘मौत’), फ़र्ज़, फ़रोश, फ़रेब, फ़र्श, फ़लक (इसका अर्थ है ‘आसमान’), फ़लक़ (इसका अर्थ है ‘सवेरे का उजाला’), फ़साना, फ़हीम (समझदार), फ़ाक़ा (भूके रहना), फ़िक्र, फ़ाश (ज़ाहिर, प्रकट, खुला हुआ..जैसे कहते हैं पर्दा फ़ाश कर दूँगा), फ़िक्रमंद, फ़िगार (घायल), फ़िराक़ (जुदाई), फ़ज़ूल, फ़ौज, फ़ौलाद, फ़िलबदीह (इसका अर्थ है बिना सोचे कुछ ऐसा कहना जो बहुत अच्छा हो… बिना सोचे शे’र कहने के लिए भी इसका प्रयोग होता है जैसे “फ़िलबदीह ग़ज़ल कहो तो है कोई बात”),फ़रोख़्त, फ़रमाइश, फ़रमान फ़रार (शुद्ध उच्चारण फ़िरार है, परन्तु उर्दू में फ़रार ही कहा जाता है), फ़र्श, फ़र्श ए गुल (फूलों का फ़र्श), फ़स्ल या फ़सल (इसका अर्थ पैदावार भी होता है और मौसम भी), फ़स्ल ए गुल (बहार का मौसम), फ़स्ल ए गर्मा (गर्मी का मौसम), फ़स्ल ए बाराँ (बरसात का मौसम), फ़ज़ूल (बेकार), फ़ौलाद, फ़ौरन, फ़ौज (अर्थ-सेना) , फ़ौज़ (कामयाबी), फ़ौज़ ए अज़ीम (बहुत बड़ी कामयाबी), फ़ज़ूलख़र्ची, फ़ानी (मिट जाने वाला), फ़रामोश (भूल जाने वाला), फ़राख़ (बड़ा, चौड़ा), फ़राख़दिल (दिल खोलकर ख़र्च करने वाला, बड़े दिल वाला), फ़क़त (ख़त्म, बस; केवल), फ़ज़्ल (कृपा, दया), फ़नकार( कलाकार), फ़ितूर(लगन), फ़िल्म, फ़ोन,फ़ीस, फ़रमाबरदार(आज्ञाकारी)

क- ک – K
कोयल, काला, कोयला, कबूतर, क्रीम, कभी, कहीं, कहाँ, कोई, कुछ, क्या, लड़की, लड़का, भूक, भीक, कमी, कलेवर, करौंदा, कमीज़, को, की, के, कम-ज़र्फ़, कम,

क़- ق – Q
क़ब्र, क़फ़स, नक़ली,क़ैद,क़ैदख़ाना, क़ैसर (बादशाह),क़ौम (राष्ट्र), क़ौमी (राष्ट्रीय), क़ौमीयत (राष्ट्रीयता), क़ुव्वत (ताक़त), क़ुरआन, क़ुली, क़ुर्बानी, क़ुर्ब (नज़दीकी), क़ुर्बत (नज़दीकी), क़ासिद (पत्र-वाहक), क़ासिम (बाँटनेवाला), क़ाबिल (विद्धान),

ज- ج – J ज वाले शब्द- 
जंगल, जंगम ( सक्रिय), जंगावर (योद्धा), जंजाल (भूलभुलैया, भ्रम) जंतु (जानवर, जीव) जंबुक (लोमड़ी), जकड़न, जग, जगमग(चमकदार) जगख्यात- (प्रसिद्ध), जगदीप( सूर्य), जगह, जगाना, जागना, जटा(उलझे-चिपके हुए बाल), जटिल, जठर(पेट), जड़, जड़ीबूटी, जामुन, जनन, जननी(माँ), जनक, जन(जनता) जनजाति , जनतंत्र, जन्म, जबड़ा, जमाव, जमावड़ा(भीड़), जयंत (विजेता), जानकारी, जाली, जिज्ञासा(उत्सुकता), जीर्ण (कमज़ोर), जीभ, जुगनू, जुआ,जुड़ाव( लगाव, समागम), जुदाई( वियोग), जुलाहा (बुनकर), जूही, जुड़ा, जेब(पॉकेट) ,  जबीन (माथा), जल्दी,

ज़ वाले शब्द-ज़- ز – Z
ज़ख़ीरा( भंडार, संसाधन), ज़ख़ीरेदार(जमाखोर), जज़्बात(भाव), जज़ीरा( द्वीप), ज़बान, ज़बानदराज़ी( मुँहज़ोरी) ज़बरदस्ती, ज़ब्त(संयम), जज़्ब, जाँबाज़ी, जहाज़, ज़िक्र, ज़िम्मा, ज़िम्मेदार, ज़ुकाम, ज़ेब (शृंगार), ज़्यादा,  ज़मीन, ज़र्द, ताज़ा

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