“ये वर्ल्ड कप क्या है?”

विश्व कप के सेमी-फ़ाइनल में भारतीय टीम की क़रीबी मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड से हार हो जाने की वजह से घर में दुःख का माहौल है. सबसे ज़्यादा दुःख में तो रॉकी चाचा हैं लेकिन रेखा बुआ भी कम दुःखी नहीं हैं. ननकू सबको अचानक से परेशान देख कर हैरान है. वो पापा के पास जाता है..
कुर्सी पर बैठे पापा से ननकू पूछता है,”पापा..आज सब लोग बात क्यूँ नहीं कर रहे”
“क्यूँ? कर तो रहे हैं… अच्छा अभी..वो बेटा सेमी-फ़ाइनल में इण्डिया हार गई न..”
“मतलब!”
“मतलब ये कि क्रिकेट होता है न..बैट-बॉल.. उसका वर्ल्ड कप चल रहा है तो उसमें हमारी टीम हार गई..”
“पर पापा खेल में तो जीत नहीं होती तो हार होती है..उसमें क्या इतना दुःख हो जाता है? आप भी तो कहते हो हार-जीत तो होती रहती है”मासूम ननकू ने पापा से सवाल किया
“इतना दुःख यूँ तो नहीं होता लेकिन अभी वर्ल्ड कप है न..” ननकू को समझ नहीं आ रहा था कि एक हार को लेकर इतना दुःख सबको क्यूँ है वहीं ननकू के सवालों से बेख़बर ननकू के पास खड़े चीकू और रसगुल्ला आपस में जाने क्या भौंक-भौंक कर खेल रहे हैं.
“तुम्हीं लोग खेल रहे हो, वहाँ खेल-खेल में ही सब परेशान हैं..”
पापा की बात को कुछ समझते हुए और कुछ न समझते हुए वो मौसी दादी के पास गया और उसके पीछे-पीछे चल पड़े चीकू और रसगुल्ला..
रसगुल्ला ननकू के ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रहा था तो ननकू ने उसे अपनी गोद में ले लिया..
रसगुल्ला को सहलाते हुए उसने मौसी दादी से पूछा,”मौसी दादी..वर्ल्ड कप क्या होता है?”
मौसी दादी ने रसगुल्ला को झट से अपने पास प्यार से कर लिया..”भई मुझे नहीं पता ये सब क्या होता है..कुछ खेल होता है..”
“तो मौसी दादी..सब इतने दुःखी क्यूँ हैं?”
“अपनी टीम हार गई न..तो थोड़े से हैं दुःखी..”
ननकू के कुछ भी ख़ास समझ नहीं आ रहा था, थोड़ी देर बाद ननकू अपनी टोली को लेकर वहाँ से चला गया और कमरे में चीकू और रसगुल्ला के साथ बात करने लगा.
“अब यार ये कौन सा कप है जिसकी वजह से सब दुःखी हैं?”
रसगुल्ला ननकू की बातों को ध्यान से सुन रहा था..चीकू ने ननकू को कुछ समझाने के लिए उसे चाट कर इशारा किया..
“हाँ, समझ रहा हूँ मैं..वो बड़ा वाला कप सोच रहा है न तू..पर ऐसा कौन सा बड़ा कप है कि सब परेशान हैं”
रसगुल्ला ननकू को परेशान देख कर थोड़ा सा चिंतित हो गया था. रसगुल्ला ननकू के पैर के पास आकर बैठ गया..

(फ़िलहाल तो स्थिति ये है कि ननकू, रसगुल्ला और चीकू सभी इस बात को लेकर परेशान हैं कि आख़िर खेल में हुई हार को लेकर सभी इतने दुःखी कैसे हैं? अब ननकू के मासूम दिमाग़ में चल रहे सवाल का जवाब उसे कौन देगा ये तो पता चलेगा लेकिन आज नहीं कल..)

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