ननकू का बेस्ट फ़्रेंड

ननकू का बेस्ट फ़्रेंड

जैसे ही ननकू ने कहा कि उसे उसका बेस्ट फ़्रेंड मिल गया। तब से माँ, दादी, चीकू और रसगुल्ला सोच रहे हैं कि ननकू का बेस्ट फ़्रेंड आख़िर कौन है। ननकू तो आराम से चीकू और रसगुल्ला के साथ खेलने लग गया। माँ और दादी को इंतज़ार था कि कब बबलू आए और ननकू पूरी बात बताए। उसी समय बबलू दौड़ता हुआ आया “ननकू..मैं आ गया..”

“बबलू..पता है मैंने कितना सारा सोचा कि मेरा बेस्ट फ़्रेंड कौन है, तू, चीकू या रसगुल्ला?”

“अच्छा..फिर कौन हैं तेरा बेस्ट फ़्रेंड?” बबलू ननकू को देखते हुए बोला। अब चीकू, रसगुल्ला, माँ और दादी भी ननकू को देखने लगे थे आख़िर ननकू ने किसे अपना बेस्ट फ़्रेंड चुना है।

ननकू मुस्कुराकर सबको देखते हुए बोला- “अभी- अभी दादी ने मुझे बताया कि बेस्ट फ़्रेंड वो होता है जिसके साथ हमको अच्छा-अच्छा लगता है और हम उसके साथ सारी बात कह सकते हैं और अगर वो नाराज़ हो जाए तो हम उसको ज़रूर मनाते हैं.”

“हाँ..लेकिन तेरा बेस्ट फ़्रेंड कौन है?”- बबलू को इस सवाल का जवाब जल्दी-जल्दी चाहिए था

“मेरा बेस्ट फ़्रेंड है तू..बबलू”- ननकू के ऐसा कहते ही बबलू ख़ुशी से नाच उठा।माँ और दादी हल्के से मुसकुरायीं चीकू और रसगुल्ला ने मुँह झुका लिया और चीकू उठकर घर के अंदर जाने को उठा, रसगुल्ला तो अभी भी वहीं बैठा था कि चीकू ने उसको इशारा किया कि वो भी उसके साथ अंदर चले। रसगुल्ला भी उठकर अंदर चलने लगा।

बीते कल की कहानी:

दोस्ती की पहचान

तभी ननकू बोला…”..और…चीकू..”- ये सुनते ही ननकू को चीकू दौड़ के ननकू के पास आ गया। रसगुल्ला ननकू की तरफ़ ध्यान से देखने लगा और मुँह नीचे करके माँ की तरफ़ जाने लगा कि ननकू बोला “तू भी है रसगुल्ला”- रसगुल्ला दौड़ के ननकू के पास आया और उसकी गोद में चढ़कर उसे चाटने लगा। ननकू ने उसे गोद से उतारा और बोला

“मेरे बेस्ट फ़्रेंड तुम तीनों हो बबलू, चीकू और रसगुल्ला”

“लेकिन तीन-तीन बेस्ट फ़्रेंड कैसे हो सकते हैं?..बेस्ट फ़्रेंड तो एक होता है न?” बबलू बोला

“अच्छा..पर मुझे तो तुम तीनों एकदम प्यारे लगते हो और दादी ने बेस्ट फ़्रेंड के बारे में जो भी बताया वो तो तीनों के साथ होता है तभी तो मुझे तुरंत पता चल गया कि मेरा एक नहीं तीन-तीन बेस्ट फ़्रेंड हैं”- बबलू उछलता हुआ बोला

लेकिन बबलू अब तक सोच रहा था कि किसी के तीन बेस्ट फ़्रेंड कैसे हो सकते हैं। दादी उसे समझते हुए बोलीं- “बबलू, बेस्ट फ़्रेंड एक से ज़्यादा भी हो सकते हैं..”

“अच्छा..ये तो कोई बताया ही नहीं। अब मेरे पास एक ही बेस्ट फ़्रेंड है ननकू और ननकू के पास तीन बेस्ट फ़्रेंड हैं”- बबलू धीरे से बोला
“पगलू..तेरे पास भी तो दो बेस्ट फ़्रेंड हैं, मैं और चीकू..कुछ दिन में तू रसगुल्ला से भी दोस्ती कर लेना फिर तेरे भी तीन-तीन बेस्ट फ़्रेंड हो जाएँगे”- ननकू बबलू को गले लगा के बोला

ननकू की बात सुनकर बबलू ख़ुश हो गया। ननकू और बबलू ख़ुशी से उछलने लगे और उन्हें देखकर चीकू भी कूदने लगा।रसगुल्ला कहाँ पीछे रहने वाला था वो भी कूदने लगा उसे देखकर बबलू बोला “ये भी अपने जैसे मस्ती करता है..”

“हाँ..रसगुल्ला भी बिलकुल अपने जैसे मस्ती करता है”- ये कहकर ननकू ने रसगुल्ला को गोद में उठा लिया और चारों कूदने लगे। माँ और दादी उनको देखकर मुस्कुराने लगे। रमा चाची तभी आयी और बोलीं

“शुरू हो गया इनका कबीला डान्स..?”

रमा चाची की बात सुनकर माँ और दादी हँसने लगे।

(बेस्ट फ़्रेंड कोई एक हो ये ज़रूरी नहीं होता, बेस्ट फ़्रेंड तो बहुत सारे हो सकते हैं। वैसे आपका बेस्ट फ़्रेंड कोई एक है या ननकू की तरह आपके भी ढेर सारे बेस्ट फ़्रेंड हैं?)

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