“ख़”

:पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ

ख़ाक (21)= धूलि, भूमि, राख
ख़ंजर(22)= छुरी
ख़ज़ां(ख़िज़ां) (12)= पतझड़, वृद्धावस्था, क्षय
ख़जालत (122)= लज्जा, लज्जाशालीनता
ख़जालत(122)= प्रसन्न, शुभ, भाग्यवान
ख़िज़ाना(ख़ज़ाना) (122)= धन संग्रह, कोष, राजकोष
ख़त (2)= पत्र, चिन्ह, लिखित
ख़तरा (22)= डर, भय, विपित्ति, जोखिम
ख़त्म (21)= अन्त, पूरा होना, अन्त करना, समाप्ती
ख़ता (12)= गलती, भूल, लापरवाही
ख़ातिर (22)= हृदय, मन, के लिये, की तरफ से, चयन, हित
ख़ुत्बा (22)= भाषण, धर्मोपदेश, प्रवेशन, परिचय
ख़िदमत (22)= सेवा, आवभगत, कर्तव्य, नौकरी
ख़ुद(2)= स्वयं, वक्तिगत, अपना, एकांत
ख़ुदा (12)= भगवान्
ख़ुदी (12)= घमंड, अहंकार, मन की चौकसी
ख़ानदान (2121)= कुल, परिवार, वंश
ख़ाना (22)= घर, कमरा, विभाग, हिस्सा
ख़ानुम(ख़ानम) (22)=श्रीमति, राजकुमारी, पत्नी
ख़ून (21)= रक्त, हत्या
ख़फ़ा (12)= छिपाव, गुप्तता, क्रोधित, अप्रसन्न
ख़बर (12)= समाचार, ज्ञान, सूचना, वर्णन, लोकवाद, चर्चा
ख़ूब (21)= बढ़िया, अच्छा, उत्तम, सुन्दर, मनभावन
ख़ाम (21)= कच्चा, हरा, नौसिखिया, अदक्ष, घमंडी
ख़ामोश (221)= चुप्प
ख़ुमार (121)= नशा
ख़याल (121)= विचार, कल्पना, मत, देखभाल, मान
ख़ियाबां (122)= पुष्पवाटिका, फूलों की क्यारी
ख़रीद (121)= खरीदना, मोल लेना, मोल ली हुई वस्तु
ख़राब (121)= बुरा, दुष्ट, बरबाद हुआ, बिगड़ा हुआ, अशिष्ट, अश्लील
ख़ुर्रम (22)= प्रसन्न
ख़ैर (21)= अच्छा, अतिउत्तम
ख़ैर (21)=कुशल क्षेम, कल्याण, हित, आनंद
ख़लास (121)= उद्धार, सवतन्त्रता, मुक्ति
ख़ालिस (22)= शुद्ध, असल, खरा, निष्कपट(मित्र)
ख़लिश (12)= चुभन, पीड़ा, चिन्ता, शंका
ख़िलाफ़ (121)= विरोध, विपक्षता, असत्यता
ख़िलाफ़ (121)= विस्र्द्ध
ख्व़ाब (21)= नींद, स्वप्न
ख्व़ार (21)= दुष्ट, उजाड़, मित्रहीन, निर्धन
ख्व़ाहिश (22)= लालसा, इच्छा, अनुनय, विनय, मांग
ख़ुश (2)= प्रसन्न, मनभावन
ख़ुश्क (21)= सूखा, निर्जल, मुर्झाया हुआ, चिड़चिड़ा आदमी
ख़ुर्शीद (221)=सूर्य
ख़स्ता (22)= घायल, टूटा हुआ, जरजर, उदासीन
ख़ास (21)= विशेष, व्यक्तिगत, विशिष्ट, अमिश्रित, श्रेष्ठजन

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