:पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ

चकां (12)= टपकता हुआ, स्त्रावण
चाक़ (21)= चौकन्ना, चुस्त, उद्यमी, स्वस्थ, मोटा, चुस्त-दुस्र्स्त
चाक़ू (22)= छोटी छुरी
चीज़ (21)= वस्तु, पदार्थ, सामग्री
चितवन (22)= आकार, दृष्टि, दिखावट
चंद (21)= कितना, कितने, कुछ, कितनी बार, कितनी देर
चांद (21)= चन्द्रमा
चांदनी (212)= चन्द्रमा का प्रकाश
चादर (22)= बिछौना, घूंघट, जलप्रपात
चांदी (22)= चांदी (धातु), धन
चैन (21)= आसानी, सुख, शांति, आराम
चमक (12)= झलक, दीप्ति, जगमगाहट, चौंध
चमन (12)= पुष्प वाटिका
चराग़ (121)= दीपक
चारा (22)= औषधि, चिकित्सा, सहायता, उपाय
चारागाह (2221)= गौचर भूमि
चाल (21)= चलने का ढंग, रीति, धोखा
चालाक (221)= चतुर, प्रवीण, र्धूत, कपटी
चिलमन (22)= चिक
चश्म (21)= आंख, आशा
चश्म-ओ-चिराग़ (22121)= आंख का प्रकाश, प्रिय
चस्मक(22) = आंख मारना, झपक, असम्मति, मिथ्याबोध
चुस्त(21)= सावधान, चाालाक, उद्यमी, वेगशील, तंग, तना हुआ
चह (2)= लघुसंज्ञा बनाने के प्रयोग में आता है
चाह (21)= इच्छा, लालसा, प्यार, आवश्यक्ता, चुनाव
चहरा/चेहरा (22)= मुख, छवि, मुखौटा
चंगुल (22) पशु-पक्षियों का ढेढ़ा पंजा जिससे वे किसी पर प्रहार करते अथवा कोई चीज पकड़ते हैं;किसी व्यक्ति के प्रभाव या वश में होने की वह स्थिति जिसमें से निकलना सहज न हो।

चपल(12) स्थिर न रहने वाला।
चबाना(122) दांतों से कुचलना।
चबूतरा(1212) मकान के अगले भाग में बैठने के लिए बनाई गई खुली चौकोर और चौरस जगह।
चमक(12) प्रकाश, कांति।
चमकना(122) प्रकाश या ज्योति से युक्त होना, उन्नति करना।
चमड़ा(22) पशुओं की खाल का औद्योगिक कार्यों के लिए तैयार किया हुआ रूप (लैदर);त्वचा।
चमत्कार(1221) अलौकिक-सा जान पड़ने वाला काम या बात, करामात; आश्चर्य, विस्मय।
चरण(12) किसी पूज्यव्यक्ति के पांव के लिए आदर-सूचक शब्द; किसी छंद, श्लोक आदि की पूरी पंक्ति अथवा चौथाई भाग।
चरना(22) पशुओं का खेतों आदि में उगी हुई घास, पौधे आदि खाना।
चरबी (चर्बी) (22) प्राणियों के शरीर में होने वाला सफेद या हल्के पीले रंग का गाढ़ा, चिकना तथा लसीला पदार्थ (फैट)।
चरवाहा(222) वह व्यक्ति जो दूसरों के पशुओं को चराकर अपनी जीविका चलाता हो।
चरस(12) गांजे के पौधों के डंठलों पर से उतारा हुआ एक प्रकार का हरा या हल्का पीला गोंद या चेप जिसे लोग गांजे या तंमाकू की तरह पीते हैं।
चरागाह(1221) पशुओं के चरने का स्थान, जहां प्राय: घास आदि उगी रहती है।
चरित्र(121) वे सब बातें जो आचरण या व्यवहार आदि के रूप में की जायें, आचरण; कहानी, नाटक आदि का कोई पात्र।
चर्चा (22) बातचीत, वार्तालाप; अफवाह।
चलचित्र(221) सिनेमा (फिल्म, मूवी)
चलना (22) पैरो, पहियों आदि की सहायता से अथवा किसी प्रकार की गति से युक्त होकर आगे बढ़ना; किसी चीज का ठीक तरह से उपयोग या व्यवहार में आते रहना; बराबर काम देते रहना; प्रहार के उद्देश्य से अस्त्र-शस्त्र आदि का प्रयोग या व्यवहार होना।

चलनी (छलनी) (22) आटा, चाय आदि छानने का उपकरण।
चंचल(22) अस्थिर; नटखट, शरारती; जो शांत न हो, विकल, उद्विग्न।
चंदन(22) एक प्रसिद्ध पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है, उक्त लकड़ी को जल में घिस या रगंड़ कर बनाया हुआ गाढ़े घोल या लेप जिसका टीका आदि लगाया जाता है।

चंदा (22) चंद्रमा; किसी परोपकारी अथवा सार्वजनिक कार्य के लिए दी या ली जाने वाली व्यक्तिगत आर्थिक सहायता; किसी संस्था, पत्रिका आदि को उसके सदस्य, ग्राहक आदि बने रहने के लिए दिया जाने वाला धन।

चंद्रमा(212) पृथ्वी का एक प्रसिद्ध उपग्रह, चांद।
चकबंदी(222) बहुत बड़े भूमि खंड को छोटे-छोटे चकों या भागों में बांटने की क्रिया या भाव; छोटे-छोटे खेतों को एक में मिलाकर उनके बड़े-बड़े चक या विभाग बनाने की क्रिया या भाव।

चकराना(222) चकित होना; सिर घूमना। किसी को चक्कर या फेर में डालना, चकित करना।
चकित(12) आश्चर्य में आया या पड़ा हुआ।
चक्की(22) आटा पीसने, दाल दलने आदि का प्रसिद्ध यंत्र या मशीन, जाँता।
चक्र(21) गाड़ी आदि का पहिया; पहिए के आकार का एक अस्त्र; देश भक्ति या वीरता आदि के लिए सरकार की ओर से दिया जाने वाला पदक या तमगा।

चखना(22) किसी खाद्य-वस्तु का स्वाद जानने के लिए उसका थोड़ा अंश मुंह में रखना या खाना।
चटपटा(212) मिर्च-मसालेदार, तीक्ष्ण स्वाद का।
चटाई(122) फूस, सींक, पतली फटियों आदि का बिछावन।
चट्टान(221) पत्थर का बहुत बड़ा और विशाल खंड।
चढ़ना (22) ऊपर की ओर बढ़ना;सवार होना;उन्नति करना;बही खाते आदि में नामों, रकमों आदि का अंकित होना।
चढ़ाई (122) ऊंचाई की ओर जाने वाली भूमि; आक्रमण।
चतुर (12) कार्य और व्यवहार में कुशल, प्रखर; चालाक, धूर्त।
चपरासी(222) कार्यालय के कागज-पत्र आदि लाने या ले जाने वाला कर्मचारी; अरदली।

चश्मा(22) ऐनक; जल-स्रोत, सोता।
चसका(22) किसी वस्तु या कार्य से होने वाली तृप्ति को बार-बार पाने की लालसापूर्ण प्रवृत्ति, चाट, लत।
चहकना(122) पक्षियों का आनंदित होकर कूजना, चहचहाना; उमंग या प्रसन्नता से बढ़ चढ़ कर बोलना।
चांटा (22) हथेली तथा हाथ की उंगलियों से किसी के गाल पर किया जाने वाला प्रहार, थप्पड़, तमाचा, झापड़।
चांदनी(212) चांद का प्रकाश; छत पर या ऊपर की ओर तानने का कपड़ा;
चांदी(22) सफेद रंग की एक नरम चमकीली धातु जो गहने, सिक्के आदि गढ़ने के काम आती है।
चाकू(22) फल-तरकारी आदि काटने या कलम बनाने का छोटा औजार, छुरी।
चाटना (212) जीभ लगाकर या जीभ से पोंछ कर खाना।
चापलूस (2121) खुशामदी, चाटुकार।
चाबी (22) ताली, कुंजी
चाबुक(22) कोड़ा।
चारपाई(2121) खाट, छोटा पलंग।
चारा(22) पशुओं के खाने की घास, पत्ती, डंठल आदि; चिड़ियों, मछलियों आदि को फंसाने अथवा जीवित रखने के लिए खिलाई जाने वाली वस्तु; उपाय, इलाज, युक्ति।

चाल(21) चलने की क्रिया या भाव; गति; धूर्तता; शतरंज, ताश आदि के खेल में अपनी बारी आने पर गोटी, पत्ता आदि आगे बढ़ाने या सामने लाने की क्रिया।

चालक(22) चलाने वाला (ड्राइवर।)
चालाक(221) होशियार, व्यवहार-कुशल; धूर्त।
चालान(221) (चलान) रवन्ना। अभियोगारंभ
चाहना(212) इच्छा करना प्रेम करना।
चिंघाड़ना(1212) हाथी का बोलना या जोर से चिल्लाना।
चिंतन(22) कोई बात समझने या सोचने के लिए मन में बार-बार किया जाने वाला उसका ध्यान या विचार, मनन।
चिंता(22) सोच, फिक्र परवाह।
चिकना(22) जो छूने में खुरदरा न हो; जिस पर पैर आदि फिसलें; जिसमें तेल आदि कोई चिकना पदार्थ लगा हो।
चिकित्सा(122) रोग-निवारण का उपाय, इलाज।
चिट्ठी(22) पत्र, ख़त।
चिड़ियाघर(222) वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी आदि जन-साधारण को प्रदर्शित करने के लिये एकत्र करके रखे जाते हैं।
चिढ़ाना(122) नाराज़ करना; नकल उतारना।
चितकबरा(212) सफेद रंग पर काले, लाल या पीले दागों वाला।
चिता(12) चुनकर रखी हुई लकड़ियों का ढेर जिस पर मुर्दा जलाया जाता है, चिति।
चित्त(2) मन की एक अवस्था, अन्त: करण।
चित्र(21) तस्वीर (फोटो); पेंटिंग।
चित्रकार(2121) चित्र बनाने वाला।
चिनगारी(222) आग का छोटा कण; कोई ऐसी छोटी बात जिसका आगे चल कर बहुत उग्र या भीषण प्रभाव हो सकता है (लाक्षणिक)।
चिपकना(122) किसी लसीली वस्तु के कारण दो वस्तुओं का परस्पर जुड़ना; व्यक्तियों या वस्तुओं का पास-पास सटना।
चिमनी(22) मकान या कारखाने आदि का धुआं बाहर निकालने वाली विशेष नली, लैंप या लालटेन की शीशे की नली।
चिल्लाना(222) ज़ोर से बोलना, शोर करना, हल्ला करना।
चिह्न(21) वह शब्द, बात या छाप जिससे किसी चीज की पहचान हो; दाग़ धब्बा, निशानी।
चीख़(21) चिल्लाना
चीख़ना(212) भय अथवा पीड़ा के कारण जोर से चिल्लाना; बहुत जोर से बोलना या कर्णकटु शब्द निकालना।
चीरना(212) किसी चीज को धारदार उपकरण द्वारा काट या फाड़ कर अलग या टुकड़े करना।
चुंगी(22) स्थानीय शासन द्वारा बाहर से आने वाले माल पर वसूल किया जाने वाला कर।
चुंबक(22) एक प्रकार का पत्थर या धातु जिसमें लोहे को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है।
चुगना(22) पक्षियों आदि का अपनी चोंच से अनाज के कण, कीड़े-मकोड़े आदि उठा-उठा कर खाना।
चुग़लख़ोर(1221) किसी की हानि करने के उद्देश्य से पीठ पीछे उसकी बुराई करने वाला।
चुटकुला(212) चमत्कारपूर्ण और विलक्षण करवुं उक्ति अथवा बात जिसको सुन कर हंसी आए।
चुनना(22) बहुत में से कुछ को पंसद करके लेना; छोटी वस्तुओं को हाथ, चोंच आदि से एक-एक करके उठाना।
चुनरी(22) वह रंगीन विशेषत: लाल कपड़ा जिसके बीच-बीच में बुंदकियां होती हैं।
चुनाव(121) चुनने की क्रिया या भाव; निर्वाचन।
चुनौती(122) अपनी बात मनवाने के लिए किसी को उत्तेजित करते हुए सामना करने के लिए कहना, ललकार।
चुप(2) मौन, ख़ामोश
चुपड़ना(122) किसी गीली या चिपचिपी वस्तु का लेप करना।
चुभन(12) किसी नुकीली वस्तु का दबाव पाकर किसी नरम वस्तु में धंसने की क्रिया या भाव; उक्त क्रिया के कारण होने वाली टीस या पीड़ा।
चुभाना(122) कोई नुकीली चीज गड़ाना या धंसाना।
चुराना(122) छल-पूर्वक पराई वस्तु हरण करना; भय, संकोच आदि के कारण कोई चीज या बात दबा रखना या दूसरों के सम्मुख न लाना।

चुस्त (21) फुर्तीला; खूब कसा हुआ।
चूकना(212) भूल करना; सुअवसर खो देना।
चूड़ी(22) सोने, चाँदी, काँच, हाथीदांत आदि का स्त्रियों का हाथ में पहनने का एक वृत्ताकार गहना; किसी पेंच के वृताकार खांचे (थ्रेड्स)।
चूना(22) कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़-पत्थरों, शंख, सीप आदि को फूंक कर बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और वाहक क्षार जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने और पान आदि के साथ खाने के लिए किया जाता है।किसी तरल पदार्थ का किसी छेद या संधि में से टपकना या बाहर निकलना।

चूमना(212) होठों से होंठ, हाथ, गाल, मस्तक आदि अंगों का अथवा किसी पदार्थ का स्पर्श करना।
चूरन (22)[चूर्ण(22)] ख़ूब महीन पीसी हुई बुकनी (पाउडर।)
चूल्हा(22) मिट्टी, लोह आदि का वह उपकरण जिसमें चीजें पकाने या गरम करने के लिए कोयले, लकड़ियां आदि जलाई जाती हैं।
चूसना(212) जीभ और होंठ के संयोग से किसी वस्तु का रस अंदर खींचना; किसी गीली वस्तु की आर्द्रता सोख लेना; किसी का सत्व या सर्वस्व बल-पूर्वक या अनुचित रूप से हड़प लेना।

चोंच(21) पक्षियों के मुंह का नुकीला और आगे की ओर निकला हुआ भाग।
चोट(21) किसी वस्तु के आधात से शरीर पर होने वाला घाव; वार।
चोटी(22) सबसे ऊपर का भाग; स्त्रियों के गुंथे हुए सिर के बाल, वेणी; हिन्दू पुरुषों के सिर के पिछले भाग के मध्य के थोड़े से लंबे बाल जिन्हें कटवाया नहीं जाता।

चोर-बाज़ार (21221) व्यापार का वह क्षेत्र जहाँ चीजें चोरी से और, या अधिक ऊंचे दाम पर खरीदी या बेची जाती हैं (ब्लैक मार्केट)।
चोरी(22) चुराने की क्रिया या भाव; दूसरों से कोई बात छिपाने की क्रिया या भाव।

चौंकना(212) एकाएक किसी प्रकार की आहट, ध्वनि या शब्द सुनकर कुछ उत्तेजित अथवा विकल हो उठना; चकित होना।
चौक(21) आंगन, सहन; चबूतरा; चौराहा।
चौकड़ी(212) हिरन की वह दौड़ जिसमें वह चारों पैर एक साथ उठा कर छलांग मारता हुआ आगे बढ़ता है।
चौकस(22) जो अपनी अथवा किसी की रक्षा के लिए पूर्णत: सचेत हो; ठीक, दुरुस्त, संपूर्ण।
चौकीदार(2221) किसी स्थान पर पहरे का काम करने वाला कर्मचारी।
चौखटा(212) चौखट के आकार का ढांचा जिस में शीशा या तस्वीर आदि को मढ़ा जाता है।
चौड़ा(22) जिसके दोनों पार्श्वें के बीच में अधिक विस्तार हो, जो संकरा न हो।
चौराहा(222) जिससे चार सड़कें जा रही हों.

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