साहित्य दुनिया

एक शाइर सौ शेर शाइरी साहित्य दुनिया

फ़िराक़ गोरखपुरी के 40 शेर

1. तुम्हें क्यूँकर बताएँ ज़िंदगी को क्या समझते हैं समझ लो साँस लेना ख़ुद-कुशी करना समझते हैं 2. बस इतने पर हमें सब लोग दीवाना समझते हैं कि इस दुनिया को हम इक दूसरी दुनिया समझते हैं 3. कहाँ का वस्ल तन्हाई ने शायद भेस बदला है तिरे दम भर के मिल जाने को हम […]

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साहित्य दुनिया

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं… अहमद फ़राज़

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उस के शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैं सुना है रब्त है उसको ख़राब-हालों से सो अपने आप को बरबाद कर के देखते हैं सुना है दर्द की गाहक है चश्म-ए-नाज़ उस की सो हम भी उस की गली से गुज़र के देखते […]

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अरग़वान रब्बही साहित्य दुनिया

आज की कहानी: मर्याना, हैरत और कोक्स्टर (भाग-3)

(यह कहानी साहित्य दुनिया टीम के सदस्य/ सदस्यों द्वारा लिखी गयी है और इस कहानी के सर्वाधिकार साहित्य दुनिया के पास सुरक्षित हैं। बिना अनुमति के कहानी के किसी भी अंश, भाग या कहानी को अन्यत्र प्रकाशित करना अवांछनीय है. ऐसा करने पर साहित्य दुनिया दोषी के ख़िलाफ़ आवश्यक क़दम उठाने के लिए बाध्य है।) […]

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साहित्य दुनिया

अलफ़ाज़ की बातें (15): लखनऊ या लख़नऊ?

लखनऊ एक ऐसा शहर है जो पूरी दुनिया में अपनी ज़बान और तहज़ीब के लिए जाना जाता है. लखनऊ शहर को उर्दू के बहुत नज़दीक माना जाता है लेकिन ये भी सच है कि पिछले कुछ सालों में यहाँ एक नया शहर बस गया है. नए बसे लोग भी धीरे-धीरे पुराने शहर की तहज़ीब को […]

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साहित्य दुनिया

नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (6): क्या है बिंदी का फ़र्क़..

उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान से रहते हैं और उसका सही उच्चारण करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है. इन अक्षरों (उर्दू में अक्षर को हर्फ़ कहते हैं) की बात करें तो ये ख़, ग़, फ़, क़ और ज़ हैं. असल में इन अक्षरों को […]

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किताब दुनिया साहित्य दुनिया

एक ऐसी कहानी जो शायद पहले सोची भी नहीं गयी

किताबों की दुनिया कुछ यूँ होती है कि आपको बैठे-बिठाए दुनिया भर की सैर करा सकती है। वो दुनिया कोई भी हो सकती है आपके आसपास वाली या सात समंदर पार की या फिर किसी कल्पनालोक की उड़ान भी किताबों के ज़रिए भरी जा सकती है। जब बात कल्पनालोक की हो तो लेखक/लेखिका के कल्पनालोक […]

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किताब दुनिया साहित्य दुनिया

“द जर्नी ऑफ़ शिवा” एक ऐसी यात्रा पर ले जाती है जहाँ मेहनत के रास्ते प्रसिद्धि की राह है

किताबें एक यात्रा की तरह होती हैं और उन्हें पढ़ते हुए हम काल्पनिक या वास्तविक कितनी ही यात्राएँ तय करते हैं। एक ऐसा ही सफ़र तय हुआ जब हमने हाल ही में मिली किताब “The Journey Of Shiva” पढ़ी। इस किताब को लिखा है जयश्री शेट्टी ने इस किताब को लिखा है, इस किताब में […]

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ख़ज़ाना ए क़ाफ़िया साहित्य दुनिया

ख़ज़ाना-ए-क़ाफ़िया

जब भी कोई शेर कहना चाहता है तो उसके लिए सबसे ज़रूरी चीज़ होती है क़ाफ़िया, रदीफ़ और वज़्न। जहाँ क़ाफ़िये से शेर को एक लयबद्ध रवानी मिलती है, वहीं रदीफ़ की पाबंदी से कोई शेर ग़ज़ल का हिस्सा बनता है। किसी भी ग़ज़ल को कहने के लिए रदीफ़ एक बार मिल जाए तो बस […]

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साहित्य दुनिया हिन्दी

इस साहित्यकार के जन्मदिन को ‘हिन्दी-दिवस’ के रूप में मनाया जाता है….

हम में से अधिकतर लोग ये जानते हैं कि आज या’नी १४ सितम्बर को ‘हिन्दी दिवस’ मनाया जाता है. इसका कारण ये है कि भारत ने आज ही की तारीख़ में सन १९४९ में हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था. परन्तु हम में से अधिकतर लोगों को इस बारे में शायद ही […]

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साहित्य दुनिया

ननकू का स्कूल

जैसे ही गाड़ी स्कूल के गेट के पास पहुँची, ननकू गाड़ी में बैठा अपना बैग सम्भालने लगा। उसे देखकर रसगुल्ला भी पूरी तरह तैयार हो गया, आख़िर उसे भी तो उतरना था साथ में लेकिन ये क्या जैसे ही पापा ने गाड़ी रोकी कि ननकू उतरने लगा लेकिन रसगुल्ला जब उतरने के लिए मचला तो […]

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