घनी कहानी छोटी शाखा

कहानियाँ घनी कहानी छोटी शाखा नटखट कहानियाँ नटखट दुनिया ननकू के क़िस्से

उफ़्फ़ ये सर्दी

रसगुल्ला बिस्तर में ननकू के पैर के पास बैठा उसको देख रहा था कि तभी ननकू उठा और ज़ोर से छींका “आं…..छूँ” उसकी आवाज़ से डरकर रसगुल्ला थोड़ी दूर जाकर बैठा गया। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि ननकू को हुआ क्या है..दादी ननकू के बाज़ू में बैठी थीं उन्होंने ननकू के सिर […]

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लू शुन की कहानी ‘साबुन की टिकिया’ का अंतिम भाग

अब तक आपने पढ़ा.. श्रीमती किंग अपनी बेटी एलिगैन्स के साथ कमरे को व्यवस्थित कर रही थी तभी उसको मालूम हुआ कि सू मिंग घर आ गया. एलिगैन्स ने अपने पिता के हाथ में पार्सल देखा तो वो उस पर झपटी लेकिन उसकी माँ ने उसे एक ओर धकेल दिया. वो एक सुगन्धित साबुन था. […]

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लू शुन की कहानी ‘साबुन की टिकिया’ का तीसरा भाग..

अब तक आपने पढ़ा.. श्रीमती किंग अपनी बेटी एलिगैन्स के साथ कमरे को व्यवस्थित कर रही थी तभी उसको मालूम हुआ कि सू मिंग घर आ गया. एलिगैन्स ने अपने पिता के हाथ में पार्सल देखा तो वो उस पर झपटी लेकिन उसकी माँ ने उसे एक ओर धकेल दिया. वो एक सुगन्धित साबुन था. […]

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लू शुन की कहानी ‘साबुन की टिकिया’ का दूसरा भाग..

अब तक आपने पढ़ा.. श्रीमती किंग अपनी बेटी एलिगैन्स के साथ कमरे को व्यवस्थित कर रही थी तभी उसको मालूम हुआ कि सू मिंग घर आ गया. एलिगैन्स ने अपने पिता के हाथ में पार्सल देखा तो वो उस पर झपटी लेकिन उसकी माँ ने उसे एक ओर धकेल दिया. वो एक सुगन्धित साबुन था. […]

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लू शुन की कहानी ‘साबुन की टिकिया’ का पहला भाग..

पहला भाग साबुन की टिकिया लेखक- लू शुन श्रीमती किंग कमरे की उत्तर वाली खिड़की की ओर पीठ करके, सूरज की अन्तिम किरणों की रोशनी में पितर-पूजा में जलाने के लिए काग़ज़ के नोटों की तह कर रही थीं। उसकी आठ वर्ष की लड़की एलिगैंस भी उसका हाथ बंटा रही थी। इसी समय मोटे कपड़े […]

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का अंतिम भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-7 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक यहाँ अपने एक मित्र ढपोरशंख की कहानी सुना रहे हैं। ढपोरशंख ने जब लेखक को अपने एक दोस्त के विषय में बताया तो उनकी पत्नी ने उस दोस्त करुणाकर को धोखेबाज़ कहा इस बात पर फ़ैसला करने के लिए लेखक को पाँच बनाकर लेखक को ढपोरशंख करुणाकर […]

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का छटवाँ भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-6 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक यहाँ अपने एक मित्र ढपोरशंख की कहानी सुना रहे हैं। ढपोरशंख ने जब लेखक को अपने एक दोस्त के विषय में बताया तो उनकी पत्नी ने उस दोस्त करुणाकर को धोखेबाज़ कहा इस बात पर फ़ैसला करने के लिए लेखक को पाँच बनाकर लेखक को ढपोरशंख करुणाकर […]

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का पाँचवाँ भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-5 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक यहाँ अपने एक मित्र ढपोरशंख की कहानी सुना रहे हैं। ढपोरशंख ने जब लेखक को अपने एक दोस्त के विषय में बताया तो उनकी पत्नी ने उस दोस्त करुणाकर को धोखेबाज़ कहा इस बात पर फ़ैसला करने के लिए लेखक को पाँच बनाकर लेखक को ढपोरशंख करुणाकर […]

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का चौथा भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-4 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक अपने एक मित्र के यहाँ आए हैं जिन्हें वो ढपोरशंख कहकर बुलाते हैं। इस मित्र के यहाँ आने पर उन्हें ढेर सारी चिट्ठियाँ मिलती हैं, जिसके बारे में पूछने पर पता चलता है कि वो उन्हें एक नए मित्र करुणाकर ने लिखी हैं। इस बात पर मित्र […]

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का तीसरा भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-3 (अब तक आपने पढ़ा….लेखक अपने दोस्त के घर आए हुए हैं जो सभी की मदद को तैयार रहता है। ज़रूरत होने पर भी किसी से मदद नहीं लेता, लेखक अपने दोस्त को ढपोरशंख कहकर बुलाते हैं। अब की बार जब लेखक अपने इस दोस्त के यहाँ पहुँचते हैं तो उसके पास […]

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