:पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ

ब = द्वारा, साथ, से, में, अन्दर, समीप, ऊपर, के लिए, के तरफ़ (उपसर्ग में प्रयोग होता है)
बा= के साथ, के द्वारा, का अधिकारी
बि=द्वारा, साथ, से, में, अन्दर, समीप , ऊपर, के लिए, के तरफ़ (उपसर्ग में प्रयोग होता है)
बे(2) =(उपसर्ग) बिना, न होना

बे अदब (212)= अशिष्ट, असभ्य
बे आबरू (2212)= नीच, कलंकित अपमानकारक
बे अन्दाज़ा (2222)= अन्तहीन, अपार
बे इख्त़ियारी (22122)= असहाय
बे इज़्ज़त (222)= अप्रतिष्ठित, मान रहित
बे इत्तिफ़ाक़ी (22122)= फूट, मतभेद
बे इन्साफ़ (2221)= अन्याय
बे इम्तियाज़ (22121)= अविवेकी, बुद्धिहीन
बे इमान (2121)= अविश्वसनीय, झूठा, ठग
बे इहतियाती (22122)= असावधान
बे एतिबार (2221)= अविश्वसनीय, विश्वास न करना
बांका (22)= धोखेबाज, मुड़ा हुआ, कपटी, चालाक
बाक़ी (22) = अनन्त, शेष, बकाया
बे क़द्र (221)= निर्मूल्य
बे क़रार (2121)= बेचैन, उतावला
बे कस (22)= अकेला, मित्रहीन
बे कार (221)= व्यर्थ, बेरोजगार, आलसी
बे क़ुसूर (2121)= निर्दोष, नाद
बख्त़ (21)= सौभाग्य, भाग्य, समृद्धि
बख्श़ीश (221)= उपहार, दान, पारितोषिक
बे ख़ता (212)= निर्दोष, निरपराध
बे ख़ुद (22)= बेसुध, आनन्दमग्न, बेहोश
बे ख़बर (212)= असावधान, मूर्ख, अज्ञानी
बुखार (121)= भाप, तापमान, ज्वर, क्रोध
बग़ल (12)= पक्ष, बगल
बग़ावत (122)= विद्रोह, राजद्रोह, विश्वासघात
बाग़ (21)= उपवन, पेड़ों का झुरमुट, कुञ्ज
बे ग़म (22)= प्रसन्न
बे गाना (222)= अपरिचित, विदेशी
बे गुनाह (212)= निर्दोष
बच्चा (22)= शिशु
बे चैन (221)= उतावला, व्याकुल, व्यग
बज़्म (21)= सभा, टोली (दावत या मनोरंजन के लिये)
बाज़ (21)=करने वाला, कर्ता, प्रतिनिधी
बाज़ (21)=स्येनपक्षी, शिकारा
बाज़ (21)= दुबारा, वापिस, नकारना
बाज़ार (221)= मण्डी
बाज़ारी (222)= घटिया, अशिष्ट, भ ी, साधारण, मण्डी से सम्बन्धित
बाज़ी (22)= खेल, शर्त, दांव
बाज़ीचा (222)= खिलौना, आमोद, खेल
बाज़ू (22)= बांह, भुजा, द्वार का पल्ला, सेना का पक्ष
बे ज़र (22)= निर्धन, कंगाल
बे ज़बान (2121)= गूंगा, संकोची, अवाक्
बे जान (221)= निर्जीव
बे ज़ार (221)= अप्रसन्न, क्रोधी
बुज़ुर्ग(121)= महान, आदरणीय, वृद्ध, श्रेष्ठजन
बे जुर्म (221)= निरपराध, निर्दोष
बढ़िया (22)= श्रेष्ठतर, अच्छे गुणों वाला, मंहगा
बात (21)=शब्द, कहावत, वाणी, कथा, प्रश्न, समाचार, व्यापारिक प्रस्ताव, गप, नुक्ता, सार
बे ताक़त (222)= शक्तिहीन
बे ताब (221)= उतावला, असहाय, बेचैन
बे तमीज़ (2121)= अशिष्ट, असभ्य
बे तासीर (2221)= निष्प्रभाव, व्यथ
र्बैत (21)= घर, निवास
बैत (21)= जोड़ा, छन्द (कविता)
बद (2)= बुरा, कपटी
बद अख्त़र (222) (122)= अभागा
बद अन्जाम (2221) (1221)= बुरा अन्त
बद ख्व़ाब (221) = कुस्वप्न
बद चलन (212) = चरित्रहीन, अशिष्ट, दुराचारी
बद तर (22)= अधिक बुरा, घटिया
बददुआ (212)= श्राप
बदन (12)= शरीर
बदनसीब (2121)= दुर्भाग्य वाला
बदनाम (221)= कुप्रसिद्ध, अपयश वाला, निन्दनीय
बद म’अश (212)= गुंडा
बदला (22)= प्रतिशोध
बद्र (21)= पूर्ण चन्द्रमा
बद सीरत (222)= बुरे स्वभाव वाला
बद सूरत (222)= कुरूप
बाद (21)= पवन, वायु, मन्द समीर
बादल (22)= मेघ
बादशाह (2121)= राजा, सम्राट
बादा (22)= शराब, मदिरा
बादिया= उजाड़, मस्र्स्थल
बादिया (212)= प्याला
बे दर्द (221)= भावना रहित, निर्दय, अत्याचारी
बे दाग़ (221)= नादान, निर्दोष, स्वच्छ
बे दाद (221)= अन्याय, असमता, अत्याचार
बे दार (221)= जागृत, चौकन्ना
बूद (21)= अस्तित्व, होना
बन्दा (22)= बन्धक, सेवक, मनुष्य
बन्दिगी (212)= श्रद्धा, पूजा, सेवा
बन्दिश (22)= रचना, शैली की सुन्दरता, योजना, स्र्कावट
बान (21)= रक्षक
बानो (22)= संभ्रान्त महिला, कुलीन स्त्री
बे नज़ीर (2121)= अनुपम, अनूठा, जिसके कोई बराबर का न हो
बे नसीब (2121)= अभागा

बिलकुल (22) (بالکل): बिलकुल का अर्थ होता है निश्चित, ज़रूर. जो लोग उर्दू लिखना-पढ़ना जानते हैं, उन्हें ये पता होगा कि बिलकुल असल में लिखा बा’लकुल है लेकिन इसका तलफ़्फु़ज़ ‘बिलकुल’ होता है. बिलकुल का वज़्न उर्दू शा’इरी में 22 लिया जाता है (बिल-2, कुल-2)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!