Author: नेहा शर्मा

किताब दुनिया साहित्य दुनिया

ज्ञान चतुर्वेदी की किताब “बारामासी” की समीक्षा

आज विश्व हास्य दिवस है। यूँ तो कई हास्य-व्यंग्य लिखने वाले लेखक देश में मौजूद हैं और उन्होंने साधारण से लेकर अति गम्भीर बातों को व्यंग्य के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाया है। व्यंग्य के नाम पर सबसे अधिक हरिशंकर परसाई को पढ़ा है। उनसे हटकर कोई व्यंग्य पहली बार पढ़ा तो वो व्यंग्य […]

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किश्वर देसाई की किताब “डार्लिंग जी” की समीक्षा

नर्गिस और सुनील दत्त की जोड़ी हमेशा एक आयडियल जोड़ी मानी जाती रही है…लेकिन उनके मिलने की कहानी भी किसी फ़िल्मी कहानी से कम पेंचीदा नहीं है….जहाँ एक ओर बचपन से अपनी माँ के कारण नर्गिस सिनेमा-जगत में आ चुकी थी। वहीँ सुनील दत्त, जिनका नाम बलराज दत्त हुआ करता था, अपने पिता की मृत्यु […]

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किताब दुनिया

ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा “जूठन” की समीक्षा

पता ही नहीं था क्या होगा उसमें..कैसी होगी..अमूमन किताबों के पहले पाँच पन्नों से अनुमान लगाने की आदत है कि ये किताब कैसी होगी..शायद ये अच्छी आदत नहीं है..लेकिन जब पहले पाँच पन्ने बिना रुके पढ़े जाएँ तो मुझे लगता है कि आगे बढ़ना चाहिए..वैसे एक बार पढ़ने के लिए किताब उठाने के बाद मैंने […]

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किताब दुनिया

गुलज़ार की किताब “ड्योढ़ी” की समीक्षा

“किताबों से कभी गुज़रो तो यूँ किरदार मिलते हैं गए वक़्त की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते हैं” बस कुछ इसी तरह कई किरदारों से मुलाक़ात हुई गुलज़ार की लिखी “ड्योढ़ी” को पढ़ते हुए. यूँ तो गुलज़ार के शब्दों को कई बार सुना है पर उन्हें पहली बार पढ़ा. ड्योढ़ी कई छोटी कहानियों का […]

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साहित्य दुनिया
किताब दुनिया

राईशा लालवानी की किताब “The diary on the Fifth Floor” की समीक्षा

इन दिनों हम कितनी बेवजह की उलझनों में उलझे रहते हैं..।इन मानसिक उलझनों का हल हमारे पास ही है बस वो कहीं नज़र नहीं आता और हम इन उलझनों को सुलझाने की बजाय और ज़्यादा उलझते जाते हैं। कुछ समझ नहीं आता और पता भी नहीं चलता कि कब हमारी स्वाभाविक हँसी खो गयी? कब […]

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किताब दुनिया

‘आपका बंटी’- मन्नू भंडारी (समीक्षा)

“बस चली तो सबके बीच हँसते-बतियाते उसे ऐसा लगा जैसे सारे दिन ख़ूब सारी पढ़ाई करके घर की ओर लौट रहा है; तभी ख़याल आया- “धत्त वो तो स्कूल जा रहा है” इस एक वाक्य में बंटी के मन की मनस्थिति ज़ाहिर हो जाती है। जब आपको घर से ज़्यादा, बाहर आनंद आने लगे तो […]

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व्याकरण की बातें

व्याकरण की बातें(13): वर्णमाला का वर्गीकरण

व्याकरण की बातें- वर्णमाला आज विश्व साक्षरता दिवस है। अगर हम अपने साक्षर होने की बात सोचें तो याद आते हैं वो अक्षर जिनसे हमारी पहचान बस शुरू ही हुई थी, हममें से कुछ होंगे जिन्होंने स्कूल जाकर पहली बार इन अक्षरों से मुलाक़ात की होगी और वहीं कुछ ऐसे होंगे जो घर पर ही […]

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व्याकरण की बातें

व्याकरण की बातें(12): ड और ढ

व्याकरण की बातें: ड और ढ “व्याकरण की बातें” में हम अक्सर व्याकरण, मात्राओं और वर्णों के प्रयोग में होने वाली आम ग़लतियों की चर्चा करते हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि आपको हमारी इस सीरिज़ से लाभ होता होगा, वैसे इसे लिखने के दौरान कुछ नयी बातें भी हमारे सामने आती है और कई […]

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व्याकरण की बातें

व्याकरण की बातें(11): “है” और “हैं” का प्रयोग

आप और हम मिलकर हिंदी व्याकरण में अक्सर होने वाली छोटी-छोटी ग़लतियों के बारे में बातें करते हैं..और इस दौरान हमने मात्राओं के बारे में जाना है। वर्णमाला और मात्राओं की जानकारी से हिंदी की नींव मज़बूत हो जाती है, उसके बाद आगे की बातें जानना और समझना भी आसान हो जाता है। देखा जाए […]

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व्याकरण की बातें

व्याकरण की बातें(10): “उ” और “ऊ” की मात्रा में अंतर और उनका उपयोग 

व्याकरण की बातें- “उ” और “ऊ” की मात्रा में अंतर और उनका उपयोग  हिंदी वर्णमाला के 52 वर्णों में से 11 स्वरों को मात्राओं के रूप में प्रयोग किया जाता है। इनमें से अधिकांश स्वर वर्ण और उनकी मात्राएँ एक-दूसरे से मिलती जुलती होती है। जैसे इ और ई, उ और ऊ, ए और ऐ, ओ और औ। इनकी […]

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