‘आ’

:पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ

आंकड़े(212) वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स)।
आंकना(212) अनुमान लगाना; अंकित करना (चित्र, रूपरेखा आदि)।
आंखमिचौली(21222) बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी।
आंगन(22) घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक।
आंचल(22) पल्ला, छोर, सिरा।
आंतरिक(212) अंदर का, भीतरी; अंत: करण से प्रेरित, सच्चा, वास्तविक।
आंदोलन(2122) किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास।
आंधी(22) धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़।
आंशिक(22) अंश या भाग से संबंध रखने वाला; केवल अंश या भाग के रूप में होना, कुछ या थोड़ा, अपूर्ण।
आंसू(22) आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु।
आकर्षक(222) अपनी ओर खींचने वाला; प्रभावित या मोहित करके अपनी ओर ध्यान खींचने वाला।
आकर्षण(222) अपनी ओर खींचने का भाव।
आकस्मिक(222) अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक।
आकार(221) बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल; किसी वस्तु या व्यक्ति की लंबाई-चौड़ाई, फैलाव, ऊंचाई आदि (साइज़)।

आब(21) पानी
आब ओ दाना (2222) पानी और दाना [पढ़ने में ‘आबो-दाना’ आता है, इसलिए इसका वज़्न 2222 है.]
आब ए ज़म ज़म (2222) ज़म ज़म का पानी, मुसलमानों के लिए पवित्र जल
आकाश(221) नभ, गगन, आसमान।
आकाशवाणी(22122) देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी; आल इंडिया रेडियो का नाम।
आकृति(22) वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा; रूप, गठन, चेहरा।
आक्रमण (222) प्रहार, हमला।
आक्षेप(2121) लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण।
आख़िर(22) अंत, समाप्ति; परिणाम। बाद में या पीछे होने वाला।
आखेट(221) मृगया, शिकार।
आगंतुक(222) अभ्यागत, अतिथि, पाहुना।
आग(21) अग्नि; जलन, डाह, संताप।
आगमन(212) आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव।
आगामी(222) भविष्य में आने या होने वाला, भावी।
आगे(22) पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में; भविष्य में। कुछ दूर और बढ़ने पर।
आग्रह(221) नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध; किसी बात पर अड़ते हुए ज़ोर देना, हठ।
आधात(221) प्रहार या चोट; किसी दुखद घटना के कारण होने वाली मानसिक व्यथा।
आचरण(212) चाल-चलन, चरित्र।
आचार्य(222) गुरु, शिक्षक; विश्वविद्यालय के किसी विभाग के वरिष्ठतम पद पर कार्य करने वाला अघ्यापक;
आज(21) वर्तमान दिन में; इन दिनों में, इस काल में। प्रस्तुत या वर्तमान दिन!
आजकल(212) इन दिनों, वर्तमान काल में। वर्तमान या प्रस्तुत दिनों में, एक-दो दिन में।
आज़ाद(221) स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र।
आजीवन(222) जीवन भर।
आजीविका(2212) रोज़ी, रोज़गार, धंधा।
आज्ञा(212) आदेश, हुक्म; अनुमति।
आडंबर(222) दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट।
आढ़तिया(222) दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला।
आतिशबाज़ी(2222) बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं।

आतुर(22) अधीर, उतावला; विकल, बेचैन।
आत्म-कथा(2112) अपना लिखा जीवन-चरित।
आत्म-रक्षा(2122) अपना बचाव।
आत्मविश्वा(2122) अपने पर विश्वास या भरोसा।
आत्मसमर्पण(22122) अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना; हथियार डाल देना।
आत्म-हत्या(2122) अपने हाथों अपना वध, आत्मघात।
आत्मा(22) शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा; किसी वस्तु आदि का गूढ़, मूल तथा सार भाग।
आदत(22) प्रकृति, स्वभाव; बान, टेव।
आदमी(212) मनुष्य, मानस; वयस्क और प्रौढ़ व्यक्ति।
आदर(22) सम्मान, सत्कार; पूज्य भाव।
आदरणीय(2221) आदर-योग्य।
आदर्श(221) अनुकरणीय, श्रेष्ठ; नमूना, बानगी।
आदान-प्रदान(221 221) लेन-देन।
आदि(21) मूल। पहला। इसी प्रकार और या बाकी सब भी, इत्यादि, वगैरह।
आदिवासी(2122) किसी देश का मूल निवासी; जनजाति का सदस्य।
आदेश(221) आज्ञा, हुक्म।
आद्यक्षर(222) (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल)।

आधा(22) वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक।
आधार(221) नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो; कारण।
आधारभूत(2221) आधार रूप में स्थित, मूलभूत।
आधिकारिक(2122) अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ।
आधुनिक(212) आजकल का, वर्तमान काल का
आध्यात्मिक(21212) आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला।
आनंद(22) हर्ष, खुशी; मौज।
आना(22) आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना; ज्ञान या जानकारी होना।
आप(21) स्वयं, स्वत:, खुद; ‘तुम’ या ‘वे’ के स्थान पर प्रयुक्त आदरसूचक शब्द।
आपसी(212) आपस का, पारस्परिक।
आभार(221) एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता।
आभास(221) झलक, छाया; मिथ्याप्रतीति, भ्रम।
आभूषण(222) अलंकार, गहनें, जेवर।
आमुख(22) स्तावना, भूमिका।
आमोद-प्रमोद (221 221) जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं।
आय(21) पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी।
आयकर(212) राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर।
आयत(22) लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल। चार भुजाओं वाला वह क्षेत्र जिसकी आमने-सामने की भुजाएं समानांतर हों और चारों कोण समकोण हों।

आया(22) घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री। आना क्रिया का भूतकालिक रूप।

आयात(221) व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया; विदेश सें मंगाया हुआ माल।
आयाम(221) लंबाई, विस्तार।
आयुष्मान्(2221) दीर्घजीवी, चिरंजीवी।
आयोजक(222) प्रबन्ध या आयोजन करने वाला।
आरंभ(221) शुरू, श्रीगणेश।
आरती(212) देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन; देवता की आरती के समय पढ़ा जाने वाला स्तोत्र; उक्त क्रिया के लिए घी और रुई की बत्ती रखने का पात्र।

आराम(221) सुख, चैन, विश्राम; रोग कम होने या दूर होने की अवस्था।
आरोप(221) किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम; ऊपर या कहीं से लाकर बैठाना या लगाना।

आरोह(221) ऊपर चढ़ना, सवार होना; नीचे से ऊपर की ओर जाना या बढ़ना; संगीत में स्वरों का चढ़ाव।
आर्थिक(212) रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित।
आर्द्र(212) गीला, तर, नम।
आलंब(221) सहारा, आधार।
आलंबन(222) आधार, सहारा, आश्रय।
आलसी(212) सुस्त, काहिल।
आलस्य(221) काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता।
आला(22) दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक; कारीगरों के काम करने के कोई उपकरण, औज़ार; ऊंचे दर्जे का, बढ़िया, श्रेष्ठ, बड़ा।

आलोक(221) प्रकाश, रोशनी।
आलोचक(222) गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक।
आलोचना(2212) गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा।
आवभगत(2112) किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य।
आवरण(212) परदा; ढक्कन; वह कपड़ा, कागज आदि जिसमें कोई चीज लपेटी जाए।
आवश्यक(2121) जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी।
आवश्यकता(21212) ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत; आवश्यक होने की क्रिया या भाव।

आवागमन(2212) आना-जाना; जनम-मरण का चक्र।
आवारा(222) इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला; अवांछनीय आचरणवाला, लफ़ंगा।
आवास(221) निवासस्थान।
आवाहन(222) अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव; पूजन के समय किसी देवता को मंत्र द्वारा बुलाने की क्रिया।
अविष्कार(1221) ईजाद (इन्वेन्शन)।
आवृत्ति(222) बार-बार होने की क्रिया या भाव; पुस्तक आदि का उसी रूप में फिर छापना।
आवेग(221) प्रबल मनोवेग, जोश; बिना सोचे-विचारे कुछ कर बैठने की अन्त:प्रेरणा।
आवेदन(222) निवेदन, प्रार्थना।
आशय(22) अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा।
आशा(22) उम्मीद।
आशीर्वाद(22121) मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ।
आश्रय(22) शरण, ठिकाना; सहारा, अवलंब।
आश्वासन(2122) किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन; कष्ट में पड़े हुए व्यक्ति को दिलासा या धैर्य देना।
आसन(22) बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा; कुश या कपड़े आदि का बना हुआ चौकोर टुकड़ा जिस पर बैठते हैं।

आसान(221) सरल, सुगम।
आस्तिक(212) जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो; धर्मनिष्ठ।
आस्था(212) विश्वासपूर्ण भावना।
आस्वादन(2122) स्वाद लेना, चखना; रसास्वादन (कविता आदि का)।
आहट(22) हल्की आवाज।
आहार(221) खाद्य पदार्थ, भोजन।
आहुति(22) यक्ष या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया;

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