Day: February 17, 2021

ग़ज़ल शाइरी

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ…. अहमद फ़राज़

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ कुछ तो मिरे पिंदार-ए-मुहब्बत का भरम रख तू भी तो कभी मुझ को मनाने के लिए आ पहले से मरासिम न सही फिर भी कभी तो रस्म-ओ-रह-ए-दुनिया ही निभाने के लिए आ किस-किस को बताएँगे जुदाई […]

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