वही फिर मुझे याद आने लगे हैं …ख़ुमार बाराबंकवी

वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं वो हैं पास और याद आने लगे हैंमुहब्बत के होश अब ठिकाने लगे...
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