शा’इरी की बातें (21): ग़ज़ल में मक़ता क्या होता है?

मक़ता: ग़ज़ल का आख़िरी शे’र मक़ता कहलाता है.अक्सर इसमें शा’इर अपने तख़ल्लुस (pen name) का इस्तेमाल करता है. तख़ल्लुस: शा’इर जिस नाम से शा’इरी करता

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