अलफ़ाज़ की बातें (11): हमला-आवर, आशुफ़्ता, गुज़िश्ता, दस्त और दश्त…

हमला-आवर (حملہ آور): हमला-आवर एक ऐसा लफ़्ज़ है जिसे आम लोग ‘हमलावर’ पढ़ते हैं जोकि सही नहीं है. इसका सही उच्चारण हम’ल’आवर ही है. उर्दू

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नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (3): ख और ख़…

उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान से रहते हैं और उसका सही उच्चारण करना उनके लिए

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दो शा’इर, दो ग़ज़लें (14): जौन एलिया और अहमद कमाल परवाज़ी

जौन एलिया की ग़ज़ल: आदमी वक़्त पर गया होगा वक़्त पहले गुज़र गया होगा वो हमारी तरफ़ ना देख के भी कोई एहसान धर गया

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